नसबंदी में लापरवाही से हुई महिला की मृत्यु- एम्.एच.आर.सी. जिला इकाई द्वारा कार्यवाही- दतिया

03 जनवरी 2018 को जिला महिला चिकित्सालय में नसबंदी कराने आयी ग्राम तहसील व जिला दतिया (म.प्र.)निवासी श्रीमती पुष्पा यादव पत्नी दिलीप यादव उम्र 23 वर्ष चिकित्सकों की लापरवाही से मौत हो गयी।

महिला की नसबंदी प्रक्रिया डॉ. राकेश कुरेले सर्जन जिला महिला चिकित्सालय दतिया ने करने हेतु ऑपरेशन थिऐटर में शल्य क्रिया के दौरान लेप्रोस्कोप का उपयोग किया जिसके शॉक्ड से महिला की हालत अति गंभीर हो गयी। महिला की गंभीरता से परेशान डॉ. कुरेले ने डॉ. शाक्य को फोन कर बुलाया साथ ही हालात को काबू में करने हेतु ऑक्सीजन की व्यवस्था के निर्देश दिए परिजनों के कथनानुसार ऑपरेशन थियेटर में ऑक्सीजन सिलेण्डर नहीं था। डॉ. करेले के कहने पर अधीनस्थ ड्यूटी स्टाफ ने दूसरी वार्ड से सिलेण्डर लाया गया किन्तु ऑक्सीजन आने में देरी हुई तब तक निर्देश पालन होते महिला ने दम तोड़ दिया।

परिजन पुष्पा की स्थिति को जानने की इच्छा जाहिर करते रहे किन्तु ड्यूटी में पदस्थ किसी बी जिम्मेदार द्वारा परिजनों को संतोषजनक जबाब नहीं मिला। परिजनों ने ड्यूटी कर्मचारियों के व्यथित रवैये से शंका जाहिर हुई तो पुष्पा के पति ने ऑपरेशन थियेटर में जाकर देखा तो आवक रह गए। उन्होंने अन्य परिजनों को स्थिति से अवगत कराया। पुष्पा की मृत्यु के लगभग डेढ़ घंटे तक स्टाफ द्वारा परिजनों को जानकारी नहीं दी गयी। परिजनों को पुष्पा की मृत्यु का पता लगते ही उन्होंने आवाज उठाई तब मीडिया साथी व स्वास्थ्य प्रबंधन के साथी आये। जिला अस्पताल में महिला की मौत से स्थिति बिगड़ न जाये प्रशासनिक अधिकारियों का आना शुरू हुआ।

उक्त सूचना मिलते ही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, पुलिस प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुँचे।

कलेक्टर के निर्देशानुसार मृतिका का शव विच्छेदन चिकित्सकों का पैनल बनाया गया :

कलेक्टर के निर्देशानुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रदीप उपाध्याय द्वारा मृतिका का शवविच्छेदन चिकित्सकों के पैनल से कराया गया। साथ ही परिजनों को उचित जाँच व आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया।

उक्त घटना की सूचना मिलने पर मध्यप्रदेश मातृत्व स्वास्थ्य हकदारी अभियान की जिला इकाई दतिया सदस्यों द्वारा मृतिका के गांव जाकर परिजनों को दुखद घटना घटित होने पर ढाढ़स बँधाया।  साथ ही परिजनों व ग्रामीणों से मिलकर प्रकरण संबंधी आवश्यक जानकारी ली।

इसके साथ ही अभियान सदस्यों ने सेवाप्रदाताओं आशा कार्यकर्ता, आँगनवाड़ी कार्यकर्ता, ए एन एम व एम पी डब्ल्यू से संपर्क कर पुष्पा यादव के प्रकरण से सम्बंधित जानकारी एकत्रित की।

मध्यप्रदेश मातृत्व स्वास्थ्य हक़दारी अभियान  जिला इकाई दतिया द्वारा 5 सूत्रीय ज्ञापन अपर कलेक्टर आशीष गुप्ता के माध्यम से कलेक्टर को एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रदीप उपाध्याय को सौंपते हुए दोषियों के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही करने की माँग एवं परिजनों को सहायता राशि प्रदान करने का प्रभावी प्रयास किया।

उक्त ज्ञापन में अपर कलेक्टर आशीष गुप्ता व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रदीप उपाध्याय ने ज्ञापन के अनुसार बिन्दुवार जिम्मेदार अधिकारियों ने कार्यवाही करने का आश्वाशन दिया। साथ ही उपस्थित सदस्यों को अपना मोबाइल नम्बर देकर अन्य प्रकरणों व समस्याओं की जानकारी देने की अपील की। ताकि जिले में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

अभियान के प्रतिनिधि मण्डल ने प्रकरण की वास्तविकता जानने हेतु तथ्य संकलन, ज्ञापन सौपने के उपरांत पुष्पा के प्रकरण में संलग्न नसबंदी करने वाले डॉ. राकेश कुरेले से सदस्यों ने चर्चा की तो उन्होंने स्वयं को निर्दोष बताते हुए मृतिका को गर्भवती बताया, गर्भावस्था को मौत का कारण बताया और लैब के कर्मचारियों ने नसबंदी के पूर्व की गई जांचों का दोषी बताया। अभियान सदस्यों ने डॉ. करेले से पुष्पा की ऑपरेशन थियेटर से केसशीट  लेकर घटना स्थल से चले जाने औऱ ऑक्सीजन की अनुपलब्धता पर जानकारी चाही तो उन्होंने इस पर बात नहीं की औऱ चले गए।

इस पूरी प्रक्रिया में मातृत्व स्वास्थ्य हकदारी अभियान जिला इकाई दतिया के डॉ.  बबीता विजपुरिया, श्रीमती दया मोर, एडवोकेट टी.एन. चतुर्वेदी, एडवोकेट नरेन्द्र शर्मा, एडवोकेट वासुदेव श्रीवास्तव, पत्रकार रोशन शुक्ला, अशोककुमार शाक्य, जीतेन्द्र कुमार, रामकुमार दुबे, राजाराम राय, देवेन्द्र बौद्ध, पीयूष राय, सरदार सिंह गुर्जर, डॉ. रामजीशरण राय सहित अन्य सदस्य सहभागी रहे।

 

मातृत्व स्वास्थ्य हकदारी अभियान समीक्षा

जून माह में हुई राज्य स्तरीय समन्वय समिति बैठक में अभियान  को सदृढ़ करने और बेहतर संचालन हेतु एक गुणात्मक समीक्षा करने का विचार रखा गया था| इस कार्य हेतु अगस्त -अक्टूबर माह के बीच दीपक भट्ट द्वारा यहाँ समीक्षा का कार्य किया गया था| इसमें 5 साल में अभियान के विभिन्न जिलों में साथियों द्वारा मातृत्व स्वास्थय के किन मुद्दों पर कार्य किया गया है, क्या गतिविधियाँ की गयी हैं, क्या उपलब्धियाँ व् चुनौतियाँ रहीं और आगे पैरोकारी हेतु क्या मुद्दे निकलकर आते हैं वह समझने की कोशिश की गयी | साथ ही जिलों से निकले मातृत्व स्वास्थय के मुद्दों को ध्यान में रखते हुए पैरोकारी हेतु एक Action Plan प्रस्तावित किया गया|
रिपोर्ट संलग्न है|

आयोजक दल बैठक रिपोर्ट दिनांक: 21.12.17

21 दिसंबर को भोपाल में आयोजक दल की बैठक आयोजित की गयी थी जिसमें 6 में से 5 साथियों ने भाग लिया| साथियों द्वारा एक अहम् बात यह रखी गयी कि अभियान की उर्जा को वर्तमान में बहुत सारे नए मुद्दों में न लगाकर मातृत्व स्वास्थ्य व् सेवाओं में सुधार लाने हेतु ही केन्द्रित करना चाहिए|
मुख्य चर्चा निम्न हुई:
1.) क्षमता वर्धन: अभियान के साथियों का मातृत्व व् प्रजनन स्वास्थ्य और अधिकारों पर योजनाबद्ध तरीके से क्षमता वर्धन करना जिसकी मदद से साथियों की समझ बने और वह अपने कार्यक्षेत्र में इन मुद्दों पर कुछ कार्य कर पायें|
2.) मीडिया साथियों के साथ जुड़ाव: सभी जिलों के मीडिया साथियों का मातृत्व स्वास्थ्य पर एक उन्मुखीकरण किया गया था जिसके पश्चात् उनका रुझान इन मुद्दों के प्रति बढ़ा और उन्होंने जिला स्तर पर खबरें प्रकाशित की| इन साथियों के साथ पुनः कार्यशाला की आवश्यकता है और इसके लिए भी एक योजना बनानी चाहिए|
3.) सामुदायिक निगरानी: अभियान के साथियों द्वारा अपने अपने कार्यक्षेत्र में कम से कम ग्राम स्तर पर vhnd व् सब सेंटर में मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी करनी चाहिए और उनमें सुधार हेतु पैरोकारी की रणनीति बनानी चाहिए | इस कार्य हेतु क्षमता वर्धन की आवश्यकता है|

समन्वय समिति बैठक दिनांक: 18.11.17

अभियान की समन्वय समिति बैठक दिनाक 18 नवम्बर 2017 को पैस्टोरल सेंटर भोपाल में हुई जिसमें राज्य समन्वय समिति के 12 सदस्य व् CHSJ से 3 साथी उपस्थित थे| इस बैठक का मुख्य चर्चा का बिंदु दीपक भट्ट द्वारा किये गए अभियान के रिव्यू व् पैरोकारी की रणनीति का था| बैठक की रिपोर्ट संलग्न है|

समन्वय समिति बैठक रिपोर्ट

समन्वय समिति बैठक-8 जून 2017

अभियान की समन्वय समिति बैठक दिनाक 8 जून 2017 को होटल अंकित जबलपुर में हुई जिसमें राज्य समन्वय समिति के 10 सदस्य व् CHSJ से 3 साथी उपस्थित थे|इस बैठक का आयोजन काफी लम्बे समय के बाद संभव हो पाया था और अभियान सम्बंधित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुली चर्चा की गयी जिसमें उपस्थित साथियों ने अपनी प्रतिक्रिया दी व् राय रखी जिसका सारांश संलग्न रिपोर्ट में है|

समन्वय समिति बैठक रिपोर्ट 

हर साल औसतन फेल हो रहे है सवा हजार नसबंदी ऑपरेशन – मध्यप्रदेश

दिनांक – 20 मार्च 2017

स्रोत – बिच्छु डॉट कॉम

प्रदेश में नसबंदी लक्ष्य को पूर्ति करने में चिकित्सक इतने लापरवाह है की औसतन करीब हर साल सवा हजार नसबंदी ओपरेशन फेल हो रहे है

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