क्षेत्र में मातृत्व स्वास्थय सम्बंधित ख़बर

प्रसव के बाद एक ही घर के दो नवजात की मौत – बैतूल

दिनांक – 9 जनवरी 2017

स्रोत – भास्कर, बैतूल

बैतूल जिले के घोड़ाडोंगरी विकासखंड की  रोझडा निवासी शिवरती को प्रसव पीड़ा होने पर वाहन की अभाव में घर में प्रसव करना पड़ा पर प्रसव के दौरान बच्चे को माँ से अलग नहीं किया जा सका, परिजन आनन फानन में सरपंच की मदद से अस्पताल ले गया पर वह पर डॉक्टर ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया, शिवरती ने दुसरे बच्चे को जन्म दिया पर वो भी मृत था |

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अव्यवस्थाओं के बीच तीन दर्जन महिलाओं की नसबंदी – सिंगरौली

दिनांक – 5 जनवरी 2017

स्रोत – सिंगरौली पत्रिका

जिला चिकित्सालय सिंगरौली में फिर अव्यवस्थाओं के बीच हुई नसबंदी शिविर का आयोजन जिसमे न तो महिलाओं के रुकने के लिए उचित जगह और और न उचित संसाधन | नसबंदी के बाद महिलाओं को घर छोड़ने के लिए वाहन की व्यवस्था नहीं होने के कारन महिलाओं को ऑटो से घर जाना पड़ता है और कभी कभी पैसे की अभाव में महिलाये एक ऑटो में आवश्यकता से अधिक महिलाये बैठ जाती है यही कारण है कि अस्पताल परिसर में ऑटो वालो की भीड़ लगी रहती है |

पूरी खबर के लिए – http://epaper.patrika.com/1059901/Singrauli-Patrika/sidhi-singruli#page/3/1

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पैसा न देने पर धक्का देकर भगाया, सड़क में हुआ प्रसव – गुना

दिनांक – 01 जनवरी 2017

स्रोत – भास्कर , भोपाल

सुनीता पति किशन लाल को प्रसव पीड़ा होने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जामनेर में भर्ती कराया गया जहा पर डियूटी ए एन एम् व दाई ने प्रसव करने के लिए 5000 रुपये की मांग की परिवार रुपये देने में असमर्थ होने की स्थिति में ए एन एम् व दाई ने सुनीता को धक्के मार कर केंद्र से बहार कर दिया | कड़ाके की  सर्दी वाली रात में ग्रामीणों की मदद से सुनीता का प्रसव बिच सड़क में करवाया गया |

लिंक – http://epaper.bhaskar.com/detail/1143243/1132727899/mpcg/map/tabs-1/01-01-2017/120/8/image/

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डॉक्टर की लापरवाही, प्रसूता की मौत – भोपाल

दिनांक – 12 -12 -2016

स्रोत – दैनिक भास्कर, भोपाल

डॉक्टर की लापवाही फिर सामने आई,  भोपाल के बड़े अस्पतालों में एक काटजू अस्पताल जहा पर उच्च स्तर की सेवाए मिलाती है फिर भी प्रसव के 20 मिनट बाद महिला की मौत हो गयी वही दूसरी और चलती ट्रेन में सामान्य बोगी पर एक महिला की प्रसव पीड़ा होने पर यात्रियों की मदद से महिला का प्रसव करवाया गया, माँ और बच्चा दोनों सुरक्षित  |

http://epaper.bhaskar.com/bhopal/120/12122016/mpcg/1/

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25 आवेदनों का यु दिया जवाब, महिला आयोग ने

मातृत्व स्वास्थ्य हकदारी अभियान ने अक्टूबर 2015 से लेकर अगस्त mhrc-news-mahila-aayog-pipuls-news-24-10-162016 तक मातृत्व स्वास्थ्य से सम्बंधित सेवाओं के उल्लंघन व मृत्यु पर 25 केस पर महिला आयोग को आवेदन किया था  | पीपुल्स समाचार के पत्रकार ने इस मुद्दे पर महिला आयोग के साथ चर्चा कर जानकारी चाही इस पर आयोग ने कहा की मुझे इस मामले पर जानकारी नहीं है, आयोग इस तरह के मामलो पर पूरी तरह गम्भीर है, हम इस मामले में जल्द ही कार्यवाही करेंगे |

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नहीं मिली जननी, रास्ते में हुई प्रसूता की मौत – सतना

दिनांक – 30 सितम्बर 2016 satna-news-29-9-16


निर्मल पति राधे कोल 22 वर्ष निवासी देवरा भठ्ठा को प्रसव पीड़ा होने पर प्रसव केंद्र रैगँव ले गया जहा पर महिला की खून की कमी बता कर जिला अस्पताल रेफर कर दिया परन्तु परिजन ने उसे घर ले गया | घर में देर रात निर्मला की प्रसव हो गयी | प्रसव के बाद निर्मला की तबियत बिगड़ने पर परिजन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सोहावल लेकर पहुंचे | जहा पर महिला की गंभीर हालत देखकर जिला अस्पताल रेफर कर दिए परन्तु जननी वाहन उपलब्ध नहीं कराया गया परिजन निजी वाहन से जिला अस्पताल के लिए गए परन्तु महिला की मौत रस्ते में हो गयी

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मिडिया द्धारा MHRC की ओर से पहल

भोपाल संभाग के बाद सीधी जिला अस्पताल, सीधी में रूबी नाम की महिला का प्रसव के दौरान नर्स द्धारा लापरवाही से बच्चे की मौत और एक दिन बाद महिला को पेशाब की रस्ते से मल आना फिर मेडिकल कॉलेज रीवा रेफर करने की घटना को MHRC ने महिला को पूर्णत:  ईलाज के लिए राज्य के विभिन्न विभागों में आवेदन किया किया और इस सम्बन्ध में मीडिया साथियों से मिला | जिसमे राजधानी के देशबंधु समाचार पत्र, भोपाल ने इस केस को विस्तार से मुख्य भाग में छापा |

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गैलरी में तड़पती रही प्रसूता, सुबह हुई मौत – भिंड

दिनांक – 21 सितम्बर 2016

साझा – नूतन ग्रामोत्थान समिति, भिंड

जिला अस्पताल भिंड के डॉ व स्टाफ नर्स की लापरवाही से प्रसूता के लिए आई महिला की मौत

विस्तृत खबर

http://naiduniaepaper.jagran.com/Article_detail.aspx?id=23754&boxid=52696&ed_date=2016-9-21&ed_code=56&ed_page=13

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कागजी कार्यवाही में देर, अस्पताल की गैलरी में हुआ प्रसव – दतिया

दिनांक – 26 सितम्बर 2016

साझा – स्वदेश संस्था, दतिया

पहली केस में डॉ के अनुसार उपरी दूध पिलाने से नवजात की मौत पर परिजन ने कहा पोलियो की दवा पिलाने से हुई नवजात की मृत्यु, वही दूसरी केस में भर्ती प्रक्रिया में देर होने से महिला ने मेटरनिटी वार्ड की गैलरी में हुआ प्रसव |

विस्तृत न्यूज़

http://epaper.bhaskar.com/detail/?id=1082643&boxid=92605423343&ch=mpcg&map=map&currentTab=tabs-1&pagedate=09/26/2016&editioncode=381&pageno=1&view=image

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दो प्रसूता की मौत – जिला अस्पताल, मुरैना

दिनांक – 19 सितम्बर 2016

प्रसव के बाद मुरैना जिला अस्पताल से किया रेफर  प्रसूता की मौत

http://epaper.bhaskar.com/detail/?id=1077904&boxid=9192148414&ch=mpcg&map=map&currentTab=tabs-1&pagedate=09/19/2016&editioncode=277&pageno=1&view=image

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जिला अस्पताल की गेट में प्रसव, बच्चे की मौत – शिवपुरी

दिनांक – 19 सितम्बर 2016

जिला अस्पताल रेफर, नहीं मिली एम्बुलेंस परिजन बाइक में बैठकर जिला अस्पताल लेकर आये, भर्ती प्रक्रिया के दौरान गेट में प्रसव, नहीं आये स्वास्थ्य कर्मी मदद के लिए |

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http://epaper.bhaskar.com/detail/?id=1077926&boxid=9192145394&ch=mpcg&map=map&currentTab=tabs-1&pagedate=09/19/2016&editioncode=380&pageno=1&view=image

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नसबंदी कर तत्काल दे दी छुट्टी, महिलाये बस स्टैंड में बेहोश – बड़वानी

दिनांक – 14 सितम्बर 2016

लक्ष्य आधारित नसबंदी शिविर का आयोजन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाटी में किया गया था जहा पर नसबंदी के बाद महिलाओं को तत्काल छुट्टी दे दी गयी | बस स्टैंड में बस की इन्तेजार में कमजोरी के कारण महिलाए बेहोश होकर गिर पड़ी |

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90 दिनों में प्रसव के दौरान 3 महिलाओं की मौत – मुरैना

दिनांक – 14 सितम्बर 2016

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एम्बुलेंस के लिए 16 घंटे तड़पती रही, प्रसूता की मौत – भिंड

दिनांक – 10 सितम्बर 2016

स्रोत – नै दुनिया, भिंड

सिंसार निवासी सरोज को प्रसव पीड़ा होने पर आटेर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया जहा पर सरोज ने एक बेटी को जन्म दिया परन्तु प्रसव के बाद सरोज की तवियत बिगड़ने पर न तो ईलाज मिल पाया और न ही रेफर के लिए एम्बुलेंस मिल पाया इस प्रकार से 16 घंटे बिट गए | परिजन ने आनन् फानन में जिला अस्पताल ले गया जहा पर सरोज को मृत घोषित कर दिया गया |

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http://naiduniaepaper.jagran.com/Article_detail.aspx?id=23168&boxid=45128&ed_date=2016-9-10&ed_code=56&ed_page=13

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नहीं मिला एम्बुलेंस, माँ की शव को 20 किलोमीटर साईकिल से ले गया – शहडोल

दिनांक – 10 सितम्बर 2016

स्रोत – नई दुनिया, शहडोल

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http://naiduniaepaper.jagran.com/Article_detail.aspx?id=48679&boxid=44903&ed_date=2016-9-10&ed_code=61&ed_page=15


प्रसूता की मौत – खरगोन

दिनांक – 5 सितम्बर 2016

पिंकी पति रामप्रकाश प्रसव पीड़ा होने पर ऊन अस्पताल  में भर्ती कराया गया जहा पर पिंकी ने एक स्वस्थ लडके को जन्म दिया पर कुछ समय बाद पिंकी का स्वास्थ्य बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया जहा पर समय पर ईलाज नहीं मिलाने पर पिंकी की मौत हो गयी |

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सेवा से इंकार, जच्चा बच्चा की मौत – श्योपुर

दिनांक – 20 अगस्त 2016

सोना बाई पति मुकेश आदिवासी ग्राम डावली निवासी को प्रसव पीड़ा होने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दुर्गापुरी में भर्ती कराया गया जहा पर नर्स द्धारा ओपचारिक जाँच के बाद नर्स द्धारा एक सप्ताह बाद का प्रसव का समय दिया और घर जाने को कहा परन्तु घर ले जाते समय रस्ते पर प्रसव हो गया | लेकिन प्रसव के कुछ देर बाद ही बच्चे की मौत हो गयी, और कुछ देर बाद महिला की मौत हो गयी |

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http://epaper.patrika.com/c/12616860

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प्रसव के बाद इलाज नहीं मिला, महिला ने दम तोडा – मुरैना

दिनांक – 13 अगस्त 2016

बेरई गांव निवासी सोमवती को प्रसव पीड़ा होने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सबलगढ़ में भर्ती कराया गया था जहा पर सोमवती ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया पर कुछ देर बाद रक्त स्राव होने पर जिला अस्पताल मुरैना रेफर किया गया जहा पर डॉक्टर ने सोमवती को मृत घोषित कर दिया |

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http://epaper.bhaskar.com/morena/277/13082016/mpcg/1/

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दो अस्पतालों के बीच गयी प्रसूता की जान – सिंगरौली

तिरवई खुर्द निवासी अजय पण्डे की पत्नी प्रितू कोप्रसव पीड़ा होने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खुटार ले गया जहा पर चिकित्सकीय असुविधा के कारण जिला अस्पताल रेफर किया गया | लेकिन जिला अस्पताल में समुचित उपचार नहीं मिलाने के कारण महिला की मौत हो गयी |

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प्रसूता गेट पर कहराती रही, नवजात की मौत – मैहर

दिनांक – 6 अगस्त 2016

नया गांव अमदरा की वर्षा पति भैयालाल का प्रथम प्रसव था  पीड़ा के बाद बैयालाल ने सिविल अस्पताल मैहर ले गया जहा पर स्त्रीरोग विशेषज्ञ की ना होने की हवाला देते हुए नर्सो ने कहा की ईलाज के लिए स्त्रीरोग विशेषज्ञ के घर जाने का सुझाव दिया | बाद में नर्सो ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया |

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http://epaper.patrika.com/c/12289627

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टीका लगाने के 12 घंटे बाद मासूम की मौत – सतना

दिनांक – 4 अगस्त 2016

उपस्वास्थ्य केंद्र सीजहटा  में पेंटाबैलेट टीका लगाने से अंशु नमक डेढ़ माह के बच्चे की मौत हो गयी |

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बच्चेदानी में कपडा ठुसने से हुई प्रसूता की मौत – सतना

दिनांक – 3 अगस्त 2016

स्रोत – रूबरू न्यूज़, दतिया

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, इन्दरगढ़ में पिंकी पत्नि राहुल कोरी का प्रसव उपरांत रक्तस्राव रोकने के लिए बच्चेदानी में कपड़ा ठूँसने के बाद हालत बिगड़ने पर जिला चिकित्सालय, दतिया  रैफर किया परन्तु उपचार शुरू करने के पहले ही प्रसूता की मौंत हो गई। जबकि प्रसूता ने स्वस्थ्य बच्चे को जन्म दिया था।

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http://www.rubarunews.com/2016/08/blog-post_41.html#more

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प्रसव कक्ष से नवजात की शव को ले गया कुत्ता – सतना

दिनांक – 3 अगस्त 2016

सायरा बानो पति मकबूल अहमद प्रसव पीड़ा होने पर 31 जुलाई 2016 की रात को जिला अस्पताल सतना में भर्ती कराया गया था  जहा पर बानो ने मृत बच्चा को जन्म दिया | इसके बाद प्रसूता के पलंग के नीचे नवजात की शव को रखा दिया जहा देर रात आवारा कुत्ता ने शव को ले भगा |

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http://naiduniaepaper.jagran.com/Article_detail.aspx?id=21130&boxid=46507&ed_date=2016-8-03&ed_code=57&ed_page=4

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नसबंदी के बाद गर्भवती हुई महिला – सीधी

दिनांक – 22 जुलाई 2016

स्रोत – पत्रिका न्यूज़, सीधी

सीधी जिले की देवरहा निवासी संतोषी ने 22 फरवरी 2014 को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सपही में नसबंदी शिविर के दौरान  नसबंदी करवा चुकी थी परन्तु दो साल बाद संतोषी फिर से गर्भवती हुई है  | ऑपरेशन फेल होने की शिकायत स्वास्थ्य विभाग को संतोषी के पति द्धारा करने का प्रयास किया जा रहा है |

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http://epaper.patrika.com/881820/Singrauli-Patrika/22-07-2016#page/1/1

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प्रसूता को बीना ईलाज भगाया – जिला अस्पताल, मुरार

दिनांक – 19 जुलाई 2016

स्रोत – पत्रिका न्यूज़, ग्वालियर

जिला अस्पताल मुरार के प्रसूति गृह में स्टाफ और डॉक्टर की लापरवाही सामने आई | तीन अलग-अलग मामलो में महिलाओं को बीना ईलाज किये भगा दिया |

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पत्रिका न्यूज़, ग्वालियर – http://epaper.patrika.com/c/11832081

पत्रिका न्यूज़, टीकमगढ़ – http://epaper.patrika.com/878800/Patrika-Tikamgarh/19-07-2016#page/5/1

________________________________________________________प्रसव होते ही जमीन पर गिरा नवजात की मौत, सतना

दिनांक 18 जुलाई 2016

स्रोत – पत्रिका न्यूज़, सतना

सतना जिला अस्पताल में मरीजो के ईलाज में लापरवाही का दौर रुकने का नाम नहीं ले रहा है 16 जुलाई 16 को पार्वती को प्रसव पीड़ा होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया जहा पर लेबर रूम में नर्स की लापरवाही से प्रसव होते ही नवजात जमीन पर गिरा और दुसरे दिन शाम को नवजात की मौत हो गयी |

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http://epaper.patrika.com/878059/Patrika-Satna/18-07-2016#page/18/2

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बीना अनुमति डॉक्टर ने कर दी नसबंदी का ऑपरेशन, शहडोल

दिनांक – 17 जुलाई 2016

स्रोत – नई दुनिया, शहडोल, मध्य प्रदेश

उमरिया जिले के पाली निवासी शाहीना निशा को 16 जुलाई 16 को दोपहर 12 बजे ऑपरेशन से एक लड़की को जन्म दिया परन्तु डॉ ने परिवार के बीना अनुमति से शाहीना को नसबंदी का ऑपरेशन कर दिया जिससे परिजन मानसिक रूप से प्रताड़ित हुए |

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डॉक्टर मीटिंग में व्यस्त, साड़ी की आड़ में महिलाओं ने कराया प्रसव, जिला अस्पताल, कटनी

दिनांक – 17 जुलाई 2016

स्रोत – नई दुनिया, कटनी, मध्य प्रदेश

कैलवारा फाटक निवासी रमादेवी का प्रसव पीड़ा होने पर जिला अस्पताल कटनी लाया गया जहा पर डॉक्टर मीटिंग में व्यस्त होने के कारण ईलाज के लिए नहीं आये | अंततः अस्पताल में उपस्तिथ महिलाओं ने साड़ी की आड़ में प्रसव कराया |

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चिमनी के भरोसे हो रही प्रसव – PHC बरगवा, श्योपुर

दिनांक – 16 जुलाई 2016
स्रोत – नई दुनिया, श्योपुर

सुरक्षित प्रसव की दावा करने वाली सरकार बिजली जैसी सुविधा उपलब्ध नहीं करा पा रही है | प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, बरगवा एक शासकीय आधार पर प्रसव केंद्र है जहा पर 24 घंटे सामान्य प्रसव के लिए सेवाए उपलब्ध होने चाहिए परन्तु यहाँ पर 14 – 15 जुलाई 2016 की रात को दो महिलाओं का प्रसव चिमनी के उजाले से कराया गया |

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नहीं मिली जननी वाहन – करहाल, श्योपुर

दिनांक – 13 जुलाई 2016

स्रोत – दैनिक भास्कर, श्योपुर

प्रसूता को डिस्चार्ज होने के बाद भी नही मिला जननी वाहन | हुआ यूं की आवदा निवासी सावित्री को प्रसव के बाद सुबह 10 बजे डिस्चार्ज कर दिया परन्तु जननी वाहन चालक ने ले जाने से मन कर दिया | परिजन सिविल सर्जन और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से शिकायत करने के बाद दोपहर दो बजे जननी की सेवा मिली |

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परिजन नहीं दे पाए हजार रुपये प्रसूता की मौत – सतना

दिनांक – 27 जून 2016

स्रोत – पत्रिका न्यूज़ और स्टार समाचार, सतना

अर्चना को प्रसव पीड़ा होने पर जिला अस्पताल सतना रविवार सुबह 5.30 में लाया गया जहा पर ड्यूटी डॉक्टर ने परिजन से एक हजार रुपये की मांग की परन्तु पैसे नहीं देने की स्तिथि में  डॉक्टर द्धारा ईलाज नहीं किया गया दूसरी ओर प्रसव कक्ष में अर्चना दर्द से चिल्ला रही थी तो नर्स ने उसे थप्पड़ मार कर चुप होने को कहा, और कुछ ही समय बाद लगभग डेढ़ घंटे बाद अर्चना की मौत हो गई |

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पत्रिका न्यूज़ -http://epaper.patrika.com/c/11287744

स्टार समाचार न्यूज़  –  http://epaper.starsamachar.com/c/11287844

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नहीं थम रही प्रसूता व नवजात की मौत – जिला अस्पताल उमरिया

दिनांक – 24 जून 2016

स्रोत – नै दुनिया, उमरिया

करकेली निवासी देवकी बाई को प्रसव पीड़ा होने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करकेली में भर्ती कराया गया जहा पर डॉक्टर ने बीना जाँच किया जिला अस्पताल उमरिया रेफर कर दिया | रात 12 बजे जननी वाहन को बुलाया जो दुसरे दिन सुबह 8:30 बजे पंहुचा अब तक महिला की की स्तिथि गंभीर हो चुकी थी | जिला अस्पताल पहुंचाते ही महिला ने दम तोड़ दिया |

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डॉक्टर की लापरवाही से नवजात की मौत – जिला अस्पताल भिंड

दिनांक – 23 जून 2016

स्रोत – नई दुनिया, भिंड

जिला अस्पताल भिंड में डॉक्टर और स्टाफ की व्यवहार  और लापरवाही भरे रवैये में कोई सुधर नहीं आ रहा है | वर्षा को प्रसव पीड़ा होने पर जिला अस्पताल भिंड लेकर आया परन्तु डॉक्टर के जाँच बीना नर्स ने यह कह कर वापस कर दिया की अभी प्रसव के लिए 2 दिन बाकि है | परिजन दर्द से पीड़ित वर्षा को वापस घर ले आया जहा पर दुसरे दिन ही वर्षा ने बच्चे को जन्म दिया जो प्रसव के दौरान मौत हो गया |

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रेफर के बाद नहीं मिला जननी वाहन – जिला अस्पताल भिंड

दिनांक – २२ जून 2016

स्रोत – नई दुनिया, भिंड

नीतू की तबीयत ख़राब होने के बाद उसे जिला अस्पताल भिंड लाया जहा पर जाँच के बाद डॉक्टर ने बताया की बच्चे की मौत गर्भ में हो चुकी है और प्रसूता को झटके आ रहे है इसकी ईलाज ग्वालियर ले जाना होगा | परन्तु जननी वाहन नहीं मिलाने से नीतू के परिजन को निजी वाहन से ग्वालियर ले जाना पड़ा

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प्रसव के बाद किया रेफर रस्ते में मौत – जिला अस्पताल भिंड

दिनांक 21 जून 2016

स्रोत – नई दुनिया, भिंड

साझा – रामावतार गौर, भिंड

नहीं रुक रही है जिला अस्पताल भिंड के डॉक्टरों की लापरवाही, फिर से प्रसव के लिए आई महिला का प्रसव के बाद हालत बिगड़ने पर रेफर कर दिया और महिला की रस्ते में मौत हो गई |

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गंभीर स्तिथि में गर्भवती महिला को किया रेफर रस्ते में मौत – मुरैना

दिनांक – 21 जून 2016

स्रोत – पत्रिका न्यूज़, मुरैना

साझा – प्रथा संस्था, मुरैना

इलाज के दौरान गर्भवती महिला की मौत मुरैना पहाडगढ से इलाज के लिए महिला को गंभीर हालत में जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया रास्ते में उसकी मौत हो गई जिला अस्पताल में चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया मौत हो गई |

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प्रसव के दौरान नवजात की मौत – दतिया

दिनांक – 20 जून 2016

स्रोत – पत्रिका न्यूज़, दतिया

साझा – स्वदेश ग्रामोत्थान समिति, दतिया

कमालपुर निवासी मुन्नी को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन ने मुन्नी को रात 8 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इन्दरगढ ले गया जहा पर  अस्पताल स्टाफ ने भर्ती करने से मना कर दिया  जिसके कारण मुन्नी को लेकर परिजन बहार बैठे रहे फिर ड्यूटी नर्स ने कहा की अगर 500 रुपये दे दो तो अन्दर आने दूंगी | रात 11 बजे मुन्नी को अत्यधिक  प्रसव पीड़ा होने पर मुन्नी के जेठ ने डॉक्टर को बुलाने उनके घर गया पर वे सो रहे थे और नहीं आये | अंततः मुन्नी ने सुबह 5 बजे एक लडके को जन्म दिया जो ख़त्म हो गया |

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78 दिन में 69 बच्चो की मौत – भिंड

दिनांक – 19 जून 2016

स्रोत – भास्कर, भिंड

जिला अस्पताल भिंड में 18 जून 20 16 तक प्रसव के दौरान 445 जन्म बच्चो में से 69 बच्चो की मौत हो चुकी है

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http://epaper.bhaskar.com/Bhind/171/19062016/mpcg/1/

20 जून 20 16 नई दुनिया समाचार अखबारो में अव्यवस्थाओं का भंडार जिला अस्पताल, भिंड जहा पर प्रसूता के लिए न तो कोई सेवा व सुविधा है और न ही कर्मचारियों में मनावत्ता | शायद इसी लिए जिला अस्पताल में निरंतर आये दिन मरीजो के साथ घटनाये हो रही है |

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http://naiduniaepaper.jagran.com/epaper/20-jun-2016-56-Chamble-Bind-edition-Gwalior.html

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जननी के अभाव में नवजात व प्रसूता की मौत -मैहर

दिनांक – 17 जून 2016

स्रोत – पत्रिका, सतना

प्रसव पीड़ा होने पर रामकुमारी को सिविल अस्पताल मैहर में भर्ती कराया गया परन्तु जाँच के बाद जिला अस्पताल सतना रेफर किया परन्तु सिविल अस्पताल में जननी वाहन नहीं होने के कारण जिला अस्पताल कॉल किया पर वह भी जननी वाहन नहीं था अंततः सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उचेहरा से 108 बुलाया गया और जिला अस्पताल भेजा गया पर दर्द से पीड़ित राजकुमारी ने दम तोड़ दिया |

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http://epaper.patrika.com/c/11062894

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ईलाज के दौरान प्रसूता की मौत – छिंदवाडा

दिनांक – 12 जून 2016

स्रोत – छिन्दवाड़ा भास्कर

साझा – सत्यकाम जन कल्याण समिति, छिन्दवाड़ा

ढ़ोकढोह निवासी प्रियंका को प्रसव पीड़ा होने पर सिविल अस्पताल सौंसर में भर्ती कराया गया जहा पर ऑपरेशन के बाद प्रियंका ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया | दुसरे दिन सुबह प्रियंका की हालत बिगड़ने पर डॉक्टर द्धारा ईलाज नहीं मिल पानेके कारण प्रियंका की मौत हो गई |

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http://epaper.bhaskarhindi.com/838434/-/12-06-2016#page/1/2

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प्रसव में लापरवाही नवजात की मौत – सीधी

दिनांक – 7 जून 2016

स्रोत – पत्रिका न्यूज़, सीधी

साझा – केदार रजक, ग्राम सुधार समिति

उप स्वास्थ्य केंद्र बंजारी में प्रसव के लिए आई आदिवासी महिला पूनम को नहीं मिली सेवा, डॉक्टर से फोन पर बात की पर डॉक्टर ने कहा की आज रविवार है मै नहीं आ सकता |

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http://epaper.patrika.com/832704/Singrauli-Patrika/07-06-2016#page/1/1

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प्रसूता को अस्पताल से निकला, गेट में हुई प्रसव – सीहोर

दिनांक – 3 जून 2016

स्रोत – दैनिक भास्कर, सीहोर

पेपा बाई पति भादर सिंह की प्रसव पीड़ा होने पर प्राथमिक स्वास्थ्य सिद्धिगंज में सुबह 10 बजे भर्ती कराया गया परन्तु शाम को स्टाफ नर्स ने यह कहकर अस्पताल से जबरन बहार निकल दिया की यहाँ प्रसव करने के लिए  स्टाफ नहीं है | पेपा बाई जैसे ही गेट तक पहुची प्रसव पीड़ा अधिक होने लगा और दर्द के कारण पेपा बाई गेट पर बैठ गई, साथ में आई दाई ने गेट पर ही पेपा बाई का सुरक्षित प्रसव करवाया |

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मृत प्रसूता महिला को किया रेफर – जिला अस्पताल श्योपुर

दिनांक – 1 जून 2016

स्रोत – रूबरू न्यूज़, दतिया

साझा – स्वदेश ग्रामोत्थान समिति, दतिया

इन्दरगढ़ अस्पताल में प्रसव के लिए 26 वर्षीय इमरती पत्नी पूरन शाक्य निवासी काशीपुर से आई थी उस समय   डॉ बीएम शाक्य डूयटी पर थे प्रसव के दौरान  प्रसूता की मौत हो गई मौत के बाद डूयटी  डॉक्टर  ने  मृत महिला को  जिला अस्पताल रैफर कर दिया ,प्रसूता के परिजनों को यह मालूम हुआ कि इमरती की मौत हो गई और उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया तो परिजनों ने अस्पताल में  हंगामा किया,और  गुस्साए परिजनों ने कलेक्टर से  शिकायत की, परिजनों की शिकायत पर कलेक्टर ने अपर कलेक्टर को जाँच के लिए अस्पताल भेजा जिला अस्पताल पहुँचे अपर कलेक्टर पीएस जाटव, पीडितों के  कथन लिये, मृतका का मेडीकल बोर्ड से  पीएम कराया, एडीएम ने कहां जाँच के बाद होगी दोषियों पर सख्त कार्यवाही!

http://www.rubarunews.com/2016/06/blog-post_99.html?m=1

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मातृ मृत्यु – सतना

दिनांक – 26 मई 2016

स्रोत – पत्रिका सतना

साझा – एहसास संस्था, सतना

संगीता पति सोहेलाल उम्र 25 वर्ष को प्रसव पीड़ा होने पर जिला अस्पताल सतना में 24 मई 2016 को बताया परन्तु डॉक्टर ने संगीता को यह कह कर लौटा दिया की प्रसव में अभी देर है | 25 मई 2016 को संगीता को फिर से प्रसव पीड़ा हुआ उसके पति ने फिर उसे जिला अस्पताल ले गया जहा पर डॉक्टर के ईलाज के मात्र 20 मिनट बाद संगीता की मौत हो गई |

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http://epaper.patrika.com/820998/Patrika-Satna/26-05-2016#page/18/1

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प्रसव के दौरान नवजात शिशु की मौत – सिंगरौली

दिनांक – 29-5-16

स्रोत – पत्रिका , सिंगरौली

साझा – अमृता सेवा संसथान, सिंगरौली

सिंगरौली न्यूज़ – बरगवा क्षेत्र के बाघाडीह निवसी  सुनीता पति अजय बीयर  को प्रसव पीड़ा होने पर जिला अस्पताल सिंगरौली पहुंचे जहा पर सुनीता ने नवजात जन्म दिया | आधे घंटे बाद जब नवजात की तबियत बिगड़ी तो परिजन नर्स को बताया पर अस्पताल में नर्स अकेली थी जिसके कारन बच्चे को उचित ईलाज नहीं मिल सका और बच्चे की मौत हो गई |

खंडवा न्यूज़ – पांच वर्षीय आयुष को हर्निया के ऑपरेशन के लिए प्रदेश का सबसे बड़ा अस्पताल एम् वाय एच में में भर्ती कराया गया था जहा पर सर्जरी प्रक्रिया में ऑक्सीजन के बजाए बेहोशी की गैस दे दी जिसके कारन मासूम ने दम तोड़ दिया

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सिंगरौली न्यूज़ – http://epaper.patrika.com/823643/Singrauli-Patrika/29-05-2016#page/1/1

खंडवा न्यूज़ –  http://epaper.patrika.com/824185/Patrika-Khandwa/29-05-2016#page/3/1

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नहीं रुक रही है मातृ मृत्यु – श्योपुर

दिनांक – 26 मई 2016

स्रोत – नई दुनिया, श्योपुर

जानकारी – मानव फाउंडेशन, श्योपुर द्धारा

गोसर निवासी शांति पति रामदास को प्रसव पीड़ा के साथ उसने एक स्वस्थ बच्चे (4 किलो) को आशा कार्यकर्ता की देखरेख में घर पर जन्म दिया | 30 मिनट बाद शांति की हालत बिगड़ने लगी जिससे उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करहाल में तत्काल भर्ती किया गया जहा पर डॉक्टर की देखरेख में ईलाज शुरू किया, पर गंभीर हालत होने के कारण उसे जिला अस्पताल श्योपुर रेफर कर दिया गया | रेफर के डेढ़ घंटे बाद 108 की उपलब्ध हुई जो जिला अस्पताल पहुंचाते-पहुचाते शांति ने दम तोड़ दिया |

न्यूज़ पेपर का लिंक

  1. नई दुनिया – http://allindiannewspapers.com/nai-dunia-epaper/
  2. पत्रिका – http://epaper.patrika.com/820835/Sheyopur-Patrika/26-05-2016#page/1/1

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प्रसव के दौरान मंगाते है पैसे – बैतूल

दिनांक – 18 मई 2016Betul(18-5-16)

स्रोत – दैनिक भास्कर, बैतूल

बैतूल की  प्रसूता महिलाओं ने प्रसव के दौरान नर्स द्धारा पैसे की मांग पर सी एम् एच ओ को की शिकायत

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http://epaper.bhaskar.com/betul/127/18052016/mpcg/1/

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प्रसुताओं को बिना कारण रेफर – करहाल (श्योपुर)

दिनांक – 14 अप्रैल 2016

स्रोत – पत्रिका न्यूज़, श्योपुरSheopur(14-5-16)

साझा – मानव फाउंडेशन, श्योपुर द्धारा

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करहाल में प्रसूता के लिए आयी महिलाओं को अनावश्यक रेफरल स्लिप बनाकर जिला अस्पताल रेफर किया जाता है | जिसके कारण कई बार ऐसा हुआ है की सड़क पर ही महिला का सामान्य प्रसव हुआ है | इस प्रकार का खेल केंद्र के स्टाफ व नर्स द्धारा स्वंम की परेशानी व काम की जवादेही से बचने के लिए करता है जिसकी परेशानी मरीज को व उनके परिजन को उठाना पड़ता है |

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http://epaper.patrika.com/808796/Sheyopur-Patrika/14-05-2016#page/3/1

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नसबंदी ऑपरेशन में लापरवाही, महिला की मौत – बीना

दिनांक – 14 अप्रैल 2016

स्रोत – दैनिक भास्कर, सागर Bhaskar news, beena(14-5-16)

बीना निवासी ज्ञानबाई धाकन  35 वर्ष का 10 मई को सिविल अस्पताल बीना में नसबंदी ऑपरेशन किया गया | ऑपरेशन के कुछ घंटो बात महिला की तबियत बिगड़ने लगी | अस्पताल में महिला का ईलाज किया गया, लेकिन हालत बिगड़ते चली गई | 11 मई की रात को शुष्क अवस्था में जिला अस्पताल सागर रेफर किया गया जहा पर ईलाज के दौरान 12 मई को महिला की मौत हो गई | पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर महिला की शरीर में इन्फेक्शन फैलना बताया गया |

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मरीजों की हो रही है पेड़ो के नीचे ईलाज – केलासर, मुरैना

दिनांक – 13 मई 2016Morena (13-05-16)

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत मरीजो की सी के लिए करोड़ो रुपये खर्च किये जा रहे है फिर भी मरीजो के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर अभी भी मुलभुत सेवाए नहीं | चिलचिलाती धुप में परिजन मरीज के साथ मजबूर है पेड़ो के नीचे ईलाज करने में | सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कैलासर की घटना है जहा पर क्षेत्र में प्रदूषित पानी पिने से  बीमार बच्चो को अस्पताल में विस्तार की सुविधा के अभाव पर पेड़ो के नीचे ईलाज |

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स्वास्थ्य अमला बेखबर सड़क पर हो रही प्रसव – बड़वानी

दिनांक – 12 मई 2016 Barwani khabar

स्वास्थ्य अमला बेखबर सड़क पर हो रही प्रसव, गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिलाओं की स्थानीय स्वास्थ्य प्रदाताओ द्धारा कोई देख रेख व परामर्श की कोई सुविधा है | शासन द्धारा संचालित मातृत्व योजनाओ का सही तरीके से  प्रचार प्रसार की कमी, जिसके कारण लोगो को जननी वाहन सेवा के बारे में पूर्णत: जानकारी नहीं | दुर्गम क्षेत्रो में रह रहे ग्रामीणों के लिए अभी भी पहुँच से बहुत दूर है ये सेवाए |

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प्रसव के बाद प्रसूता की मौत – विदिशा

दिनांक – 6 अप्रैल 2016

स्रोत – दैनिक भास्कर, विदिशा

रीना पति सोनू खंगार को प्रसव पीड़ा होने पर गंजबासौदा अस्पताल में भर्ती कराया गया झा पर रीना ने एकVidisha-6-4-16 बच्ची को जन्म दिया | प्रसव के एक घंटे बाद रीना की तबियत बिगड़ गई जिससे रीना को जिला अस्पताल विदिशा रेफर कर दिया गया  | जिला अस्पताल में भर्ती के कुछ समय बाद डॉक्टर द्धारा समय व  सही से इलाज नहीं मिला ने के कारन रीना की मौत हो गई

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अस्पताल में ताला, खुले में हुई प्रसव – शिवपुरी

दिनांक – 16 मार्च 2016Sheopuri(16-3-16)

स्रोत – भास्कर न्यूज़, शिवपुरी

फुला पति केशव आदिवासी को प्रसव पीड़ा होने पर धौरिया अस्पताल में भर्ती के लिए परिजन लेकर आये परन्तु सविदा स्वास्थ्यकर्मियो की हड़ताल होने के कारण अस्पताल में ताला लगा था, परिजन जननी वाहन बुलाने के लिए कॉल किया परन्तु वह भी परिजन को निराशा होना पड़ा क्योकि परिजन को यह नहीं मालूम नहीं था की पुरे जिले में संविदा स्वस्थ्य कर्मी हड़ताल पर है अंतत: आशा कार्यकर्ता की मदद से अस्पताल परिसर के ही फुला का प्रसव करवाया गया |

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डॉक्टर की लापरवाही से प्रसूता की मौत -सिहोर

दिनांक – 3 मार्च 2016

प्रकाशित – पत्रिका न्यूज़, सिहोरpatrika news-Sehor,3.3.16

सिहोर जिले के इंग्लिशपुर निवासी वंदना पति सतीश कुल्हारिया प्रसव पीड़ा होने पर जिला

चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था जहा पर वंदना ने एक पुत्र को जन्म दिया कुछ देर बाद

वंदना का स्वस्थ्य बिगड़ने पर ड्यूटी डॉक्टर को कॉल किया पर ड्यूटी डॉ ने वंदना को देखना

जरुरी नहीं समझा और देर होता गया जिसके कारण वंदना की मौत हो गयी |

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प्रसूता और शिशु की मौत – भोपाल

दिनांक – १३ फरवरी 2016Bhopal, Bhaskar(13-02-16)

प्रकाशित – दैनिक भास्कर

डी आई जी बंगला क्षेत्र निवासी नीतेश साहू अपने पत्नी कास प्रसव पीड़ा होने पर स्थानीय

अस्पताल में भर्ती कराया परन्तु अस्पताल वालो ने सुल्तानिया अस्पताल ले जाने को कहा |

जहा पर जूनियर डॉक्टरों द्धारा आरती का प्रसव करने का प्रयास किया गया | इसी दौरान

आरती की मौत हो गयी | इसी पर परिजन ने डॉक्टर पर आरोप लगते हुए पुलिस में

शिकायत की |

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डॉ ने की पहने एम टी पी फिर नसबंदी ऑपरेशन -ग्वालियर

प्रकाशित दिनांक – 9 फरवरी 2016

प्रकाशित पेपर – पत्रिका न्यूज़, ग्वालियरNew Doc 4_1

जिला अस्पताल ग्वालियर में भीमनगर थाटीपुर निवासी लीन कश्यप पति सलेन्द्र कश्यप को 27 जनवरी 2016 को नसबंदी ऑपरेशन के लिए परिजन मुरार प्रसूति गृह लेकर पहुचे | जहा पर चेकअप के बाद पता चला की महिला गभर्वती है लिहाजा पहले डॉक्टर ने महिला की एक टी पी की और उसके बाद नसबंदी ऑपरेशन किया | एक दिन भर्ती के बाद परिजन महिला को घर लेकर चले गए | 6 फरवरी को जब महिला टांके कटवाने अस्पताल पहुंची तो महिला ने पेट में दर्द होने की शिकायत की | डॉक्टरों ने जाँच करने के बाद उस महिला को के आर एच रेफर कर दिया परन्तु परिजन ने महिला को एक निजी अस्पताल ले गया जहा पर डॉक्टरों द्धारा जाँच करने पर बताया की ऑपरेशन गलत कर देने से महिला की हालत बिगड़ गयी है |  पति शलेन्द्र ने सरकारी डॉक्टरों की नसबंदी के दौरन लापरवाही का आरोप लगते हुए सिविल सर्जन को शिकायत किया | सिविल सर्जन ने इस केस की जाँच के लिए एक टीम का गठन कर जाँच करने का आदेश जरी किया है, यानि चोर चोर मसोरे भाई वाली कहानी है | साथिओं इस प्रकार का उलंघन को रोकने के लिए संस्थाओं व संगथाओं को पहल करने की जरुरत है |

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http://epaper.patrika.com/716241/Patrika-Gwalior/09-02-2016#page/5/1

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OPD में टला जमीन पर जननी – सतना

दिनांक – 5 फरवरी 2016

स्रोत – पत्रिका न्यूज़, सतनाDate 5-2-16

प्रदेश में शिशु और मातृ स्वस्थ्य को उत्कृष्ट बताया जा रहा है जबकि हकीकत यह है की जननी को अस्पताल में पलंग तक नसीब नहो हो रही है और जिम्मेदार अधिकारी जानबूझ कर नजरअंदाज कर रहे है जिससे व्यवस्था सुधर के बजाए बदहाल होती जा रही है | जिला अस्पताल सतना में कंगारू वार्ड बनाया गया है जिसमे नवजात शिशुओं को कुछ समय के लिए माँ के संपर्क में लाया जाता है लेकिन वार्ड में सुविधाओं की कमी के कारण नवजात शिशुओं को अच्छी तरह देखभाल नहीं हो पा रही है |

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http://epaper.patrika.com/712394/Patrika-Satna/04-02-2016#page/4/1

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प्रदेश में जननी वाहन पर फर्जीवाडा

दिनांक – 5 फरवरी 20 16, बैतूल

दिनांक – 8 फरवरी 2016, मुरैना

स्रोत – नई दुनिया, हरदा व मुरैना

प्रदेश के अलग अलग जिलों में जननी वाहन को लेकर विभिन्न प्रकार की न्यूज़ सुनाने को मिलाती है बैतूल में जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPM) द्धारा जननी वाहन की फर्जी टेंडर के कारण जननी वाहन का किराया हवाई जहाज से भी ज्यादा किराया देना पड़ रहा है | दूसरा न्यूज़ मुरैना से है जो जननी वाहन के मालिक स्वस्थ्य विभाग के अधिकारिओं के साथ साठगाठ कर पुराणी जननी वाहन को नीपा पोती कर नए वाहन के नाम पर चलाया जा रहा है जिसके कारण वाहन दुर्गम क्षेत्र में या दूर दराजो में वाहन को पहुँचाने में समय लगता है जिसके कारण जननी को मजबूरन निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ता है

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http://naiduniaepaper.jagran.com/epaper/08-feb-2016-57-Chambal-edition-Gwalior.html

http://naiduniaepaper.jagran.com/epaper/05-feb-2016-38-Harda-edition-Bhopal.html

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एक और प्रसूता की मौत – भिंड

दिनांक – 3 फरवरी 2016bhind news (3Feb16)

मुखर्जी कॉलोनी, भिंड की स्थानीय निवासी विनोद कपूर की पत्नी रजनी कपूर को प्रसव पीड़ा होने पर सोमवार सुबह 5 बजे जिला अस्पताल भिंड में भर्ती कराया गया इसके बाद लगभल 11  बजे रजनी ने एक बालक को जन्म दिया |तत्पश्चात रजनी की हालत बिगड़ने के बाद परन्तु स्टाफ नर्स ने ध्यान नहीं दिया और 4 बजे अचानक नर्स की नजर पड़ने पर परिजन से तत्काल खून व्यवस्था करने की बात कही इधर परिजन खून की व्यवस्था पर जुडी थी और स्टाफ नर्स ने 6 बजे ग्वालियर के लिए रेफर कर दिया | ग्वालियर ले जाते समय रास्ते पर रजनी की मौत हो गयी |

स्रोत – पत्रिका न्यूज़ और भास्कर न्यूज़,  भिंड

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जिला अस्पताल नहीं रेफर अस्पताल है – भिंड

दिनांक – 23 जनवरी 2016

जिला अस्पताल भिंड गर्भवती महिलाओ का रेफर सेंटर बताया जा रहा है यहाँ पर प्रसव के लिएbhind news (23jan16 naiduniya) आई आधी से अधिक महिलाओ को  ग्वालियर रेफर किया जा रहा है | जिला अस्पताल में पिछले तीन माह में 60 महिलाओ का जटिल प्रसव बताकर ग्वालियर रेफर किया गया है | जिन महिलाओ को जटिल प्रसव बताकर रेफर किया गया है उनका या तो रस्ते में प्रसव हुआ है या ग्वालियर अस्पताल में सामान्य प्रसव हुआ है | इस प्रकार जिला अस्पताल भिंड के डॉक्टर अपनी जवाबदेह से बचाना चाह रहे है इसका दुष्परिणाम यह हो रहा है की हितग्राही ग्वालियर दूर होने के कारण भिंड के निजी अस्पतालों में प्रसव करवाने के लिए मजबूर है जहा पर  20 से 25 हजार रुपये प्रसव के देने पड़ रहे है |

स्रोत – नई दुनिया, भिंड

न्यूज़ साझा – एस आर गौर, नूतन ग्रामोत्थान समिति, भिंड

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नहीं मिली जननी, प्रसूता की मौत – बैतूल न्यूज़

दिनांक – 24 जनवरी 2016

स्रोत – दैनिक भास्कर, बैतूल

मध्य प्रदेश शासन मातृ मृत्यु को गंभीरता से नहीं ले रही है जिसकाbetul (24jan16) परिणाम प्रदेश में आये दिन अखबारों के माध्यम से   पड़ने को मिलाता है की आज नींम जिले में स्वस्थ्य विभाग की कमिय या लापरवाही की वजह से महिला या बच्चो की मृत्यु | सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, घोड़ाडोंगरी में शर्मीला पति रामपाल को डॉक्टर द्वारा रेफार करने के बाद  जननी वाहन नहीं मिलाने के कारण महिला की मौत हो गयी | घटना यह था की शर्मीला को प्रसव पीड़ा होने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, घोड़ाडोंगरी में भर्ती कराया गया जहा पर शर्मीला ने एक मृत शिशु को जन्म दिया परन्तु बच्चे के जन्म के बाद शर्मीला को अत्यधिक रक्त स्राव होने पर डॉक्टर ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया परन्तु उस वक्त केंद्र में एक भी जननी वाहन नहीं था जबकि केंद्र में तीन वाहन है | डॉक्टर ने शर्मीला के केस को गंभीरता से नहीं लिया और बहुत देर बाद निजी वाहन से शर्मीला को भेजा गया अंततः जिला अस्पताल पहुचाते ही शर्मीला की मौत हो गयी |

जीतेन्द्र प्रजापति साथिया संस्था द्वारा साझा बैतूल

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प्रसूता को नौ घंटे रखकर किया रेफर, रस्ते में मौत – श्योपुर न्यूज़

दिनांक – 22 जनवरी 2016

स्रोत – दैनिक भास्कर, श्योपुर sheopuri(22.1.16)

मध्य प्रदेश शासन ने समुद्यिक स्वास्थ्य केंद्र को मातृत्व और शिशु स्वास्थ्य का गहन चिकित्सा केंद्र बनाया है पर श्योपुर के बडौदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के लिए आयी महिला को चार घंटे भर्ती के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया | घटना बडौदा कस्बे की छोटी टोली की रहने वाली कथाबाई को प्रसव पीड़ा होने पर  सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र  बडौदा में भर्ती कराया गया जहा पर नर्स व डॉक्टर द्वारा चार घंटे प्रयास करने के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया जहा पर डॉक्टर द्वारा कथाबाई का प्रसव नहीं करावा पाया अंत में डॉक्टर ने कोटा, राजस्थान रेफर कर दिया | कथाबाई को कोटा ले जाते समय रस्ते में उसकी मौत हो गयी | प्रदेश के जिला अस्पतालों में भी महिलाओ का सुरक्षित प्रसव नहीं करावा पा  रही है सरकार ?

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नहीं है प्रसव की सुविधा सड़क पर हुई प्रसव – बैतूल न्यूज़

दिनांक – 22 जनवरी 2016

स्रोत – दैनिक भास्कर, बैतूलbetul news (22.1.16)

राष्ट्रीय स्वस्थ्य मिशन के 10 साल बाद भी प्रदेश के प्राथमिक स्वस्थ्य केंद्र में सामान्य प्रसव सुविधा नहीं है, घटना  मोरडोंगरी निवासी गोलू उइके की पत्नी भारती को प्रसव पीड़ा होने पर प्राथमिक स्वस्थ्य केंद्र पाटाखेडा लाया गया जहा पर काफी समय भर्ती रखने के बाद सामुदायिक स्वस्थ्य केंद्र घोडाडोंगरी रेफर कर दिया | प्रसव पीड़ा इतना अधिक था की भारती जाने को तैयार नहीं थी, परन्तु भारती  का पहला प्रसव था तो परिजन ने कोई जोखिम उठाना उचित नहीं समझा और निजी वाहन (जननी वाहन की सुविधा नहीं थी) से सामुदायिक स्वस्थ्य केंद्र घोडाडोंगरी  ले जाने के दौरान रास्ते में भारती को पीड़ा अत्यधिक होने पर परिजन ने वाहन को कपडे से ढककर भर्ती का प्रसव करवाया | मातृत्व स्वास्थ्य पर सरकार  सालाना करोड़ो रुपये खर्च कर रही है पर परिणाम के रूप में भारती जैसी महिलाओं को देखने से पता चलता है की करोड़ो रुपये शासन निजी स्वास्थ्य पर खर्च कर रही है या समुदाय के स्वस्थ्य पर |

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लेबर रूम में चस्पा होंगे ए एन एम् की फोटो – शिवपुरी न्यूज़

दिनांक – 18 जनवरी 2016

न्यूज़ – दैनिक भास्कर, शिवपुरShivpuri(18jan16)

आये दिन सरकारी अस्पतालों में प्रसव के दौरान या बाद में ए एन एम् व नर्स द्वारा परिजन से पैसे की मांग की जाती है पर शिवपुरी स्वास्थ्य विभाग ने इस पर कमर कसने का काम चालू किया है | विभाग ने लेबर रूम के पास  ए एन एम् व नर्स की फोटो चस्पा करेंगे जिससे पैसे लेने वाली ए एन एम् या नर्स को परिजन पहचान सके | जिससे निम्न स्वास्थ्य प्रदाता को दण्डित किया जा सके|

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http://epaper.bhaskar.com/shivpuri/137/18012016/mpcg/1/

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17 दिन में तीन महिलाओं की नसबंदी से गयी जान – रीवा संभाग

दिनांक – 8 जनवरी 2016

रीया संभाग के सीधी, अनुपपुर और  उमरिया जिले की महिलाओ को नसबंदी के दौरान डॉक्टर द्वारा की गयी लापरवाही का भुगतान महिला को अपनी जान देकर करना पड़ा |  आपको ज्ञात होगा की स्वस्थ्य विभाग नसबंदी ऑपरेशन की टारगेट को पूरा करने के लिए अधिक से अधिक ऑपरेशन करने के चक्कर में नसबंदी के दौरान महिलाओं की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है | रीवा सम्भाग में एक ही महीने में अलग अलग तीन जिलो में ऑपरेशन के दौरान कॉमलिक्शन  होने पर तीन महिलाओ की मौत हो गयी |

सावित्री सिंह, एहसास संस्था सतना द्वारा साझा

स्रोत – स्टार समाचार, रीवा

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http://epaper.starsamachar.com/686913/StarSamachar-rewa/08.01.2016#page/12/1

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आये रोशनी की उम्मीद में छा गया अँधेरा – श्योपुर न्यूज़

दिनांक – 12 जनवरी 2016

बडवानी के बाद अब श्योपुर में ऑपरेशन के बाद  17 मरीजो  ने अपने आँख की रोशनी डॉ की लापरवाही से गवानी पड़ी

मानव फाउंडेशन श्योपुर, प्रमोद तिवारी द्वारा साझा

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ईलाज में देरी प्रसूता की मौत – बडवानी न्यूज़

दिनांक – 8 जनवरी 2016

डही निवासी सुनीता पति मुकेश का प्रसव डही Barwani news-Patrika(8-01-16)सरकारी अस्पताल में हुआ था, प्रसव के बाद सुनीता को अत्यधिक रक्तस्राव होने के कारण कुक्षी सरकारी अस्पताल रेफर कर दिया यहाँ पर भी सुनीता की हालत में सुधार नहीं हुआ तो डॉ ने जिला अस्पताल बडवानी रेफर कर दिया | जिला अस्पताल में डॉ द्वारा बहुत देर से ईलाज शुरू करने के कारण  और सुनीता की अत्यधिक रक्त स्राव होने के कारण हालत नाजुक थी , जिससे सुनीता की मौत हो गयी |

स्रोत – पत्रिका न्यूज़, बड़वानी

विस्तृत खबर पड़ने के लिए यहाँ दबाये

http://epaper.patrika.com/686447/Badwani-Patrika/08-01-2016#page/1/1

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नसबंदी शिविर में किया अधुरा ऑपरेशन – श्योपुर

दिनांक – 7 जनवरी 2016

परिवार नियोजन में जुड़ा स्वस्थ्य महकमा अब 1 (1)हितग्राही को आधे अधूरे ऑपरेशन कर खानापूर्ति कर रहा है जिसके कारन महिला तो दर्द से परेशान रहती है और  शासन द्वारा की गयी खाना पूर्ति को पूरा करने के लिए दुबारा ओप्र्शन करना पड़ रहा है | 27 दिसम्बर 2015 को ढोढर में आयोजित नसबंदी शिविर में मानपुर निवासी संतोषी पति गिर्राज महोर को शिविर में मौजूद डॉक्टर ने ऑपरेशन के दौरान चीरा फाड़ी के बाद डॉक्टर ने कहा की तुम्हारी नसे नहीं मिल रही है इसलिए बाद में ऑपरेशन होगा और महिला को घर भेज दिया गया |

स्रोत – पत्रिका न्यूज़

प्रमोद तिवारी, मानव फाउंडेशन श्योपुर द्वारा साझा

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प्रसव के बाद छोड़ दी रुई – बड़वानी न्यूज़

दिनांक – 1 जनवरी 2016barwani news (1-1-16)

बडवानी जिला अस्पताल के स्वस्थ्य कर्मी ने स्वस्थ्य सेवा देने में गड़बड़ी करने की ठान ली है | जिला अस्पताल में महिला को प्रसव के बाद महिला का अत्यधिक रक्तस्राव होने पर डॉक्टर ने खून रोकने के लिए रुई लगाई और रुई सहित डॉक्टर ने टांके लगा दिए | तीन दिन बाद जब महिला का पेट दर्द और पेट फूलने लगा तब परिजन ने डॉक्टर को बताया जाँच करने पर पता चला की महिला के पेट में रुई है तब जाकर डॉक्टर ने सर्जरी कर रुई को बहार निकला  |

स्रोत – नितिन शिवहरे, प्रथा संस्था मुरैना द्वारा साझा

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http://epaper.bhaskar.com/indore/129/01012016/mpcg/1/

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नर्सिंग स्टाफ ने मांगे प्रसव के बाद पैसे – कराहल Patrika news-Sheopur (2Jan16)

दिनांक – 2 जनवरी 2016

एक ओर शासन संस्थागत प्रसव के लिए तमाम प्रयास

कर रही है वही दूसरी ओर स्वस्
थ्य कर्मी इन प्रयासों को बिफल करने में लगे हुए है | श्योपुर जिले के कराहल सामुदायिक स्वस्थ्य केंद्र में चक खोरी करहाल निवासी सीता को 31 दिसम्बर 15 को  रात्री 10 बजे एक पुत्री को जनम दिया पर जनम के बाद मौजूद नर्स और सफाई कर्मी ने सीता के परिजनों को पैसे देने के लिए मांग कर दवाब बनाने लगे पर परिजन के पास इतना पैसा नहीं था की उसे दे सके इस पर परिजन ने BMO से शिकायत की |

न्यूज़ मानव फाउंडेशन द्वारा साझा, श्योपुर

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नसबंदी के बाद महिला फिर से बनी जुड़वा बच्चे की माँ – मंडला न्यूज़

प्रकाशित दिनांक – 18 दिसम्बर 2015
स्रोत – पत्रिका न्यूज़, मडला
ग्राम किन्ही निवासी सीताबाई पति मनोज को एक वर्ष पूर्व Patrika news- Madlaनसबंदी करवाई गयी थी नसबंदी ऑपरेशन के कुछ माह बाद उक्त महिला फिर से गर्भवती हो गयी जिसकी सूचना उसके द्वारा गांव के आंगनवाडी और स्वस्थ्य केंद्र के दी थी | इतना ही नहीं महिला ने आन्गंवती केंद्र में अपना पंजीयन भी करावा लिया था | पति मनोज द्वारा दो बच्चे होने के बाद उनके द्वारा ऑपरेशन करवाया था, लेकिन पुनः सीता गर्भवती हुई और फिर जुड़वाँ बच्चे को जन्म दी है | ऑपरेशन फेल होने पर वे विभाग को मुआवजे के लिए दावा करेंगे |
न्यूज़ पड़ने के लिए यहाँ दबाये

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जननी को नहीं मिल रही है राशी – रायसेन

दिनांक – 17 दिसम्बर 2015

स्रोत – दैनिक भास्कर , रायसेन

महिलाओं को सरकरी अस्पतालों में प्रसव करने के लिए शासन द्वारा लगातार योजनाओ की घोषणा की जा रही है परन्तु राजीव गाँधी स्मृति चिकित्सालय सिरोज में नहीं मिल रही प्रसव के बाद जननी सुरक्षा योजना के तहत राशी | अब तक 400 प्रसुताओं को नहीं मिली है राशी, रो
ज अस्पताल औरRaisen news -Bhaskar(17Dec15) बैंक की चक्कर काट रही है | शासन द्वारा जब से सीधे बैंक खाते में  डालने की प्रक्रिया अपनाई है तब से प्रसूता महिलाए  परेशानियों का सामना करना पड रहा है कभी बैंक वाले बोलते है कि खाते में पैसे नहीं आये है तो अभी अस्पताल वाले बोलते है की पैसे खाते में डाल दिया है इस प्रकार से निरंतर प्रसुताये परेशान हो रही है |

विस्तृत न्यूज़ के लिए ब्लॉग देखे

http://epaper.bhaskar.com/raisan/269/17122015/mpcg/1/

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जिला जन संवाद बैतूल NavDuniya 4 Dec

दिनांक – 3  दिसम्बर 2015

मातृत्व स्वस्थ्य हकदारी अभियान के तहत बैतूल जिले की सहयोगी संस्था साथिया वेलफेयर सोसाइटी, बैतूल द्वारा स्वस्थ्य सेवाओं की
गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए सामुदायिक स्वस्थ्य केंद्र शाहपुर में जन संवाद का आयोजन किया गया इस संवाद में  समुदाय की भागीदारी ने स्वस्थ्य की अव्यवस्थाओ पर बात रखी और सेवा से इंकार करने की बात कही जिसका जवाब जवाबदेह अधिकारी द्वारा संतोष जनक दिया गया और भविष्य में इस प्रकार की घटनाये दुबारा नही होगी  इसका विश्वास दिलाया |

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Jan savad Report], betul

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जननी वाहन से नहीं किराये के वाहन से जा रही प्रसूताएं – मुरैनादिनांक – 11/12/2015

स्रोत – दैनिक भास्कर

राष्ट्रीय स्वस्थ्य मिशन के १० साल बीत जाने के बाद भी शासकीय योजनाओं का नहीं हो पा रहा है जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन । मुरैना जिले के जौरा सामुदायिक स्वस्थ्य केंद्र के अंतर्गत हितग्राही महिलाओं को प्रसव के लिए जननी वाहन की सुविधा नहीं मिल पा रही है ।
जिसके कारण जौरा स्वस्थ्य केंद्र के तहत आने वाले प्रसूता महिलाओं को १२०० से १५०० रुपये तक किराये के वाहन देने पड़ रहे है ।

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प्रसूति के बाद प्रसूता की मौत – श्योपुर

स्रोत – पत्रिका, मुरैना (29/11/15 )

करहाल के शंकरपुर सहराना निवासी कल्याणी पति प्रमोद को 27 नवम्बर 2015 प्रसव पीड़ा होने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करहाल में भर्ती कराया गया था | 28 नवम्बर 2015  की शाम 5 बजे कल्याणी ने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया, लेकिन  कुछ ही देर बाद कल्याणी का अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा जिससे कल्याणी की हालत बिगड़ती चली गयी से महिला की मौत हो ग
यी | मृत्यु के बाद परिजन की बीना बताये ड्यूटी नर्स ने आनन फानन में मृतिका के सास को 108 में बैठकर जिला अस्पताल रेफर कर दिया जहा पर डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया |

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अब जिला अस्पताल सतना में खून का खेल 

दिनांक – 21/11/15

सेंट्रल और स्टेट ड्रग कंट्रोलर की टीम का जाँच रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है कि जिला अस्पताल सतना में जरुरतमंदो के खून को निजी अस्पतालों के साथ कारोबारी चल रहा है | जाँच में सामने आया है की जिम्मेदार अधिकारी ही अपने रिकॉर्ड में अस्पताल में भर्ती मरीज के नाम पर खून जरी करते है और उसे बेधड़क निजी अस्पतालों में दलालों के माध्यम से पहुचाते है | जिम्मेदार अधिकारी की मिलीभगत से खून का कालाबाजारी बेधड़क वर्षों से चला आ रहा था जो आज तक निरंतर चल रहा है | इस विषय पर स्वास्थ्य संचालक तक शिकायत की गयी है पर अभी भी खून का कालाबाजारी बेखौप जरी है |

विस्तृत रिपोर्ट के लिए यहाँ क्लिक करे

http://epaper.patrika.com/644828/Patrika-Satna/21-11-2015#page/2/1

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भर्ती के लिए आया ने मांगे पैसे 

दिनांक – 21/11/15

ग्राम पिपरसेवा निवासी (मुरैना) सुमन पति जीतेन्द्र रजक को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन अस्पताल ला रहे थे की सुमन का प्रसव रस्ते में आते समय ऑटो में प्रसव हो गयी | बाद में सुमन के परिजन ने भर्ती के लिए मुरार अस्पताल ले गया जहा पर आया ने भर्ती के लिए 500 रुपये की मांग की | परिजन ने आया से भर्ती के लिए गुहार लगाती रही पर बीना पैसे के आया ने भर्ती करने से इंकार कर दिया |

विस्तृत रिपोर्ट पड़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

http://epaper.patrika.com/644776/Patrika-Khandwa/21-11-2015#page/2/1

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प्रदेश के 27 जिले अब प्राइवेट डॉक्टर के हवाले 

दिनांक – 15 नवम्बर 2015
प्रकाशित – नईदुनिया

मध्‍यप्रदेश के 27 जिलों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में सरकार फेल हो गई है। सरकारी सिस्टम ने हाथ टेक दिए हैं। दीपक फाउंडेशन बड़ौदा (गुजरात) के साथ हाल ही में सरकार ने करार किया है। कि जिलों में अपने डॉक्टर तैनात करेगा। इनकी तनख्वाह तकरीबन सवा लाख रुपए महीना होगी। सरकार ने इन जिलों को हाई फोकस जिले माना है। इनकी मॉनीटरिंग का जिम्मा स्वास्थ्य विभाग के संभागीय संयुक्त संचालक को दिया गया है।

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http://naidunia.jagran.com/madhya-pradesh/indore-jhabua-alirajpur-and-badvani-including-27-district-now-referred-to-private-doctors-565499

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नर्सो ने बनायीं खुद की दिशानिर्देश – हर प्रसव के बाद 1000 रुपये देने पड़ेंगे

दिनांक – 17 नवम्बर 2015

मोड़ी निवासी राजूबाई पति रामप्रसाद को प्रसव के लिए जिला चिकित्सालय नीमच में भर्ती कराया गया था | राजूबाई की प्रसव के बाद उपस्तिथ नर्स व स्टाफ ने 1000 रुपये की मांग की,परिजन ने 500 रुपये दिए और 500 रुपये बाद में देने की बात की इस पर नर्स ने अभद्रता के साथ बात की और मारपीट भी की |

अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करे

http://epaper.patrika.com/641298/Patrika-Neemuch/17-11-2015#page/4/2

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ईलाज के अभाव में जननी की मौत – रामपुर (सतना)दिनांक – 13 नवम्बर 2015नरसिंहपुर कटरा निवासी ललिता पति अजय केवट को प्रसव पीड़ा होने पर दिवाली की रात आशा की मदद से CHC रामपुर बाघेलाल पहुंची जहा पर डॉक्टर सहित सभी स्टाफ गायब था | इस दौरान ललिता दर्द से कहराती रही और परिजन निरंतर प्रयास जारी रखा की ललिता को ईलाज मिले सके इस दौरान परिजन ने सी एम हेल्प लाईन, सी एम एच ओ और बी एम ओ को इस घटना की जानकारी दि परन्तु ईलाज नहीं मिल पाया —–अधिक जानकरी के लिए यहाँ क्लिक करेhttp://epaper.patrika.com/638357/Patrika-Satna/13-11-2015#page/3/2

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एम्बुलेंस सेवा से किया इंकार, प्रसव ऑटो में – दतिया  

दिनांक – 13 नवम्बर 2015

दतिया जिले की इंदरगढ़ अस्पताल क्षेत्र से सम्बंधित घटना निरंतर अखबारों में छाई है आज फिर से खेरी चाचू  गांव की प्रसूता ने ऑटो पर बच्चे को जन्म दिया है | ग्राम खेरी चाचू निवासी कुसुम पति संतोष का प्रसव इंदरगढ़ अस्पताल ले जाते समय रस्ते पर हुआ  | घटना यह था की पत्नी की प्रसव पीड़ा पर संतोष ने 108 कोल कर बुलाया पर 108 के ड्राईवर ने रास्ता ख़राब है कह कर गांव जाने से मना कर दिया  अंततः संतोष ने किराये के ऑटो से अस्पताल ले जाने का निर्णय लिया, अस्पताल पहुँचने से पहले कुसुम ने रस्ते पर सुरक्षित बच्ची को जन्म दिया |

अधिक जानकारी के लिए लिंक पर क्लिक करे

http://epaper.patrika.com/638359/Datia-Patrika/13-11-2015#page/1/1

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ऑटो में हुई डिलेवरी, डॉक्टर नदारद, नर्सो ने नहीं की मदद

दिनांक – 11 नवम्बर 2015

ग्राम पचोखेरा निवासी रेखा पति महेंद्र का प्रसव पीड़ा होने पर आशा को बताया आशा ने जननी वाहन को फ़ोन कर बुलाया परन्तु काफी देर तक नहीं आने पर परिजन ने रेखा को किराये के ऑटो से इन्दरगढ़ अस्पताल ले जाते समय प्रसव रस्ते में हो गया  | अस्पताल पहुचने पर सेवा प्रदाता द्वारा किसी भी प्रकार से सेवा प्रदान नहीं की परिजन को खुद ही स्ट्रेचर से रेखा को वार्ड ले गया | वर्तमान में  इन्दरगढ़ अस्पताल में पांच डॉक्टर पदस्थ है जो की उस समय अस्पताल में कोई भी नहीं था |

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http://epaper.patrika.com/637250/Datia-Patrika/11-11-2015#page/4/2

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दो दिन में 6 बच्चो की मौत – जिला चिकित्सालय, शहडोल

दिनांक – 3 नवम्बर 2015 Shahdol

स्टार समाचार शहडोल से मिली जानकारी के आधार पर जिला चिकित्सालय शहडोल में मात्र दो दोनों (2-3 नवम्बर) में 6 बच्चो की मौत हो गयी है | शासन द्वारा प्रदेश के समस्त जिला चिकित्सालय को MCH – 3 बनाया गया है जिससे किसी भी आपातकालीन स्तिथि (मातृत्व व शीशी स्वास्थ्य) की सामना करने की बात करता है वही मात्र दो दिन में 6 बच्चो की मौत होती है | यह शासन की MCH-3 का पोल खोलता है | जानकारी के आधार पर जिला चिकित्सालय में डॉक्टर पदस्त किया गया है परन्तु पद ग्रहण करने के बजाय अवकाश में आवेदन लगाकर छुट्टी पर है |

खबरे पड़े विस्तार से

http://epaper.starsamachar.com/630234/starsamachar-hoshangabad/03.11.2015#page/13/1

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जिला अस्पताल के सिरप में निकला कीड़ा – बैतूल

दिनांक – 29 अक्टूबर 2015

जिला चिकित्सालय बैतूल में मरीजो को वितरण की जाने वाली दवा में कीड़ा निकालने की बात पर मरीजों में हडकम मच गया | सरदार वल्लवभाई पटेल योजना के तहत मरीजो को नि:शुल्क दावा वितरण किया जाता है जिन दवाओ को खाने या पीने से मरीज ठीक होता है अगर अस्पतालों में इस प्रकार के दवाईयों का सेवन करने पर मरीज ठीक होने के बजाय और अधिक गंभीर  बीमार हो सकते है |

विस्तृत जानकारी के लिए यहाँ दबाए

http://epaper.patrika.com/625306/Betul-Patrika/29-10-2015#page/1/2

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छुट्टी होने पर 24 घंटे बाद घर पहुंची प्रसूता – मुरैना

दिनांक – 29 अक्टूबर 2015

सिघौरा निवासी रेखा का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जौरा में प्रसव के दो दिन बाद डॉक्टर ने छुट्टी कर दिया परन्तु जननी वाहन के चालक ने प्रसूता को घर ले जाने के लिए 400 रुपये की मांग की तब परिजन ने डॉक्टर से कहा परन्तु डॉक्टर ने कुछ भी मदद नहीं किया फिर प्रसूता के ससुर ने हंगामा करने पर कुछ देर बाद वाहन की सुविधा मिली |

विस्तृत जानकारी के लिए यहाँ दबाए

http://epaper.patrika.com/625417/Morena-Patrika/29-10-2015#page/3/2

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साझा दिनांक – 25 अक्टूबर 2015 

प्रकाशित दिनांक – 15 अक्टूबर 2015 (नई दुनिया)

वीरपुर निवासी लक्ष्मी बाथम को 8 माह का गर्भ था लक्ष्मी अत्यधिक कामजोर होने के कारण बीमार थी और उसे अस्पताल ले जाने के लिए परिवार में कोई नहीं था पति बाहर काम करने गया था | अभियान के साथीप्रमोद तिवारी  (मानsheopur newsव फाउंडेशन श्योपुर) द्वारा क्षेत्र भ्रमण के दौरान लक्ष्मी से मुलाकात हुई जहा पर लक्ष्मी की गंभीर स्तिथि को देखते हुए प्रमोद ने स्वयं की जीप से जिला अस्पताल, श्योपुर ले गया | लक्ष्मी की जाँच से पता चला की लक्ष्मी को अत्यधिक खून की कमी है और इसे तत्काल खून की आवश्यकता है इस पर प्रमोद ने स्वयं का खून देकर लक्ष्मी की जान बचायी

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दिनांक 24 अक्टूबर 2015Damoh news
रीता को प्रसव पीड़ा होने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, मडियादों  (दमोह)
पंहुचा जहाँ पर डॉ व अन्य कोई
स्वास्थ्य प्रदाता नहीं होने पर रीता के ससुर धनीराम को अपनी बहु रीता की प्रसव के लिए समस्याओं का सामना करना पड़ा | इन सब बातो को पत्रिका न्यूज़ पेपर द्वारा स्वास्थ्य अमला की पोलखोल मुहीम के तहत उजागर करने की कौशिश की है
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दिनांक 16 अक्टूबर 2015
बानमोर में स्वास्थ्य सेवाओं की लचर व्यवस्थाओं का खामियाजा एक महिला को अपने बच्चे की जान देकर चुकाना पड़ा। घटना गुरुवार शाम की है।
जानकारी के अनुसार बानमोर में रहने वाली एक महिला को डिलेवरी के लिए बाइक से अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन बीच रास्ते में ही महिला की तबियत ज्यादा बिगडऩे लगी तो उसके परिजनों ने 108 एम्बुलेंस को फोन करके बुलाया, लेकिन २ घंटे तक कोई भी मेडिकल हैल्प महिला तक नहीं पहुंची।
जब महिला को कोई मदद नहीं मिली तो रास्ते में ही उसकी डिलेवरी कराना पड़ी। स्वास्थ्य सेवाओं की अव्यवस्था से महिला की नवजात की मौत हो गई।
विस्तृत जानकारी के लिए लिंक पर क्लिक करे 

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14 अक्टूबर 2015

बैतूल जिले के कुम्हारिया गांव की वंदना कोMD case-Betul प्रसव पीड़ा होने पर जिला चिकित्सालय बैतूल में भर्ती कराया गया था | 14 तारीख की शाम को प्रसव कक्ष ले जाने के दौरान वंदना की मौत हो गयी, परिवार वालो ने डॉक्टर की लापरवाही बताया | यह जानकारी साथिया वेलफेयर सोसाइटी बैतूल द्वारा साझा किया गया|

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जिला अस्पताल सतना के डॉक्टर ने प्रसूता की कि हत्या 

दिनांक – 13 अक्टूबर 2015
13-10-15

जिला अस्पताल सतना में एक और माता की मृत्यु प्रसव के दौरान हो गयी | 8 माह के गर्भ से तकसीन बानो को दो दिन पहले बुखार के कारण जिला अस्पतान में भर्ती कराया गया था | परन्तु डॉक्टर की लापरवाही से तकसीन बानो की मृत्यु हो गयी | 

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डेढ़ घंटा भटकता रहा ड्राईवर पेट्रोल के लिए 

भोपाल के कोलर क्षेत्र में ग्राम गोल निवासी लक्ष्मणसिंह साहू की पत्haribhumi-bhopal(9-9-15)नी को प्रसव पीड़ा होने पर 27 सितम्बर 2015 को नयापूरा सी एच सी में भर्ती कराया गया था | जहा पर प्रसव के बाद 29 सितम्बर 2015 को छुट्टी के बाद जननी वाहन से घर ले
जा रहा था परन्तु रस्ते में जननी वाहन की पेट्रोल ख़त्म होने के कारण मजबूरन परिजनों को जच्चा और बच्चा को किराये के ऑटो से घर ले जाना पड़ा | (समाचार पत्र संगिनी संस्था द्वारा साझा किया गया है )

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नहीं मिल रही मानक अनुसार गर्वती महिलाओं को भोजन

9 अक्टूबर 2015

8-10-15, bhaskar जिला चिकित्सालय सिंगरौली में जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तहत भर्ती गर्भवती महिलाओं को नि: शुल्क  भोजन मिलाने का प्रावधान है जो शासन द्वारा प्रत्येक दिन का मेन्यू  निर्धारित है परन्तु मेन्यू के आधार पर नहीं मिल रही है भोजन | (न्यूज़ पेपर कटिंग का साझा अमृता सेवा संसथान समिति , सिंगरौली )

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एम सी एच सेण्टर-1 बंद – प्रसूता हो रही परेशान, शिवपुरी

दिनांक 27 सितम्बर 2015
तहसील की जौराई और गोवर्धन ग्राम पंचायत क्षेत्र में निवासरत महिलाओं की स्वास्थ्य सुविधा के लिए शासन ने करीब चार वर्ष पूर्व डिलीवरी सेंटर का निर्माण कराया था, लेकिन महिला डॉक्टरों अभाव तथा स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के यहां न रहने से दोनों ही ग्रामों के डिलीवरी सेंटर बंद रहते हैं, जिससे गांव की महिलाओं को इनका लाभ नहीं मिल पा रहा है। प्रसव तथा गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए महिलाओं तथा उनके परिजन को बैराड़, शिवपुरी या फिर ग्वालियर जाना पड़ता है।
अधिक जानकारी के लिए पढ़ें:

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एम्बुलेंस लिखी गाड़ियों हेतु दिशानिर्देश

दिनांक 23 सितम्बर 2015
Ambulance rules
एम्बुलेंस के नाम पर सवारी बैठकर चलने वाली गाड़ियों पर प्रशासन द्वारा कड़ा रुख अपनाया जाएगा|
साथ ही एम्बुलेंस की तीन श्रेणी एवं अन्य नियम पालन जैसे मरीज़ के होने पर ही हूटर बजाने की बात भी पुनः बताई गयी है|
अधिक जानकारी के लिए पढ़ें:
 दैनिक भास्कर पृष्ठ 5

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रायसेन जिला अस्पताल में डॉक्टर की लापरवाही के कारण प्रसूता ने दम तोड़ा

दिनांक 22 सितम्बर 2015
रायसेन (मध्य प्रदेश) जिला अस्पताल में सेवाप्रदाताओं की लापरवाही से हुई महिला की मृत्यु की एक घटना सामने आई है| शुक्रवार को भर्ती हुई महिला ने अगले दिन ऑपरेशन से एक शिशु को जन्म दिया था| परन्तु सोमवार को महिला की हालत बिगड़ने लगी और परिवार के लोगों ने पदस्थ डॉक्टर को फ़ोन पर स्तिथि से अवगत कराया परन्तु डॉक्टर का कहना था कि सब नार्मल है और आकर जांच नहीं की| महिला की हालत बिगडती गयी और उसने दर्द से तड़पते हुए दम तोड़ दिया| 
 
परिजनों ने एस.डी.एम् कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और लगातार हो रही लापरवाही के चलते डॉक्टर को निलंबित करने की मांग की|
 
अधिक जानकरी के लिए पढ़ें:
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हाई रिस्क प्रेगनेंसी की खतरनाक स्थिति
दिनांक: 21 सितम्बर 2015
High Risk Pregnancy-Bhaskar
सतना में महिलाओं के लिए आयोजित स्वास्थय शिविरों के आंकड़े चौकाने वाले हैं जिससे यह पता लगता है कि सरकार की स्वास्थय सुविधाओं का लाभ महिलाओं तक नहीं पहुँच रहा  है| इन शिविरों द्वारा 865 हाई रिस्क प्रेगनेंसी चिन्हित की गयी हैं जो कि इससे पहले कभी भी रिकॉर्ड नहीं की जा रही थीं| साथ ही 50% से अधिक महिलाएं एनीमिक पायी गयी हैं
 
अधिक जानकारी के लिए पढ़ें:
दैनिक भास्कर (सतना) 21 सितम्बर 2015 पृष्ठ 2
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कुत्ते का शिकार हुआ मृत नवजात – जिला चिकित्सालय सिंगरौली

दिनांक 20  सितम्बर 2015

जिला चिकित्सालय सिंगरौली की सुरक्षा व्यवस्था  तब सामने आई ज19sep15- Star news - singrouliब एक आवारा कुत्ता ने जननी वाहन के ट्रे में रखी मृत नवजात को ले भगा | घटना यह था की खटखरिया निवासी गुप्ता सिंग की 20 बर्षीय पत्नी रामकली को 18 सितम्बर 20 15 को प्रवास पीड़ा होने पर जननी वाहन से जिला चिकित्सालय सिंगरौली आते समय रस्ते में प्रसव हो गयी जो बच्चा मृत था महिला को उपचार के लिये जिला अस्पताल लाया गया जहा पर बच्चे को एम्बुलेंस मे ही छोड दिया गया जिसे कुत्ते उठाकर ले गये और उसको ख़ा गया |

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उपचार में देरी से महिला की मौत और एक गंभीर

दिनांक 9 सितबर 20Maternal death, Satna-9sep1515

संगीता उम्र 27 वर्ष ने जनवरी माह में ऑपरेशन से एक बच्चे को जन्म दिया| उसी समय उसने गर्भ निरोधक कॉपर टी भी लगवाया| अस्पताल से छुट्टी के बाद उसका टाका पकने लगा |समस्या गंभीर होती गयी और अंततः दिनक 6 सितम्बर 2015 को उसे जिला अस्पताल सतना में भारती कराया गया जहा उस दिन उसका न तो इलाज शुरू हुआ और न ही कोई केयर दी गयी | अंततः दिनक 7 सितम्बर को बहुत हल्ला गुल्ला करने पर उसका इलाज 7 सितेम्बर दिन सोमवार को 3 बजे शाम के बाद शुरू हुआ | लेकिन चुकि तब तक उसकी हालत गंभीर हो चुकी थी और रत में उसने दम तोड़ दिया|

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सतना जिला चिकित्सालय में डॉक्टर की लापरवाही के कारन बच्चे व माता की मृत्यु

दिनांक 9 सितम्बर 2015
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सतना जिला अस्पताल में प्रसव हेतु ४ दिन से भर्ती महिला को सोनोग्राफी की जाँच के बाद मालूम चला की शिशु की मृत्यु गर्भ में हो गयी है | शिशु की मृत्यु गर्भ में हो गया है इसकी जानकारी के बाद भी डॉक्टर ने माँ को बचने का प्रयास नहीं किया | परिजन ने मृत बच्चा को ओपरेशन कर बहार निकालने के लिए डॉक्टर
से गुहार लगायी परन्तु डॉक्टर द्वारा महिला के ओपरेशन न करने पर महिला की मृत्यु हो गयी |

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डॉक्टर ने कहा की अस्पताल में नहीं हो पायेगी प्रसव और 108 में हो गया प्रसव

दिनांक 1 सितम्बर 2015 

घटना दतिया जिले के इंदरगढ़ क्षेत्र उड़ीना गांव में रहने वाले दयाल पत्नी रानी की प्रसव पीड़ा हो1sep15-datiyaने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इंदरगढ़ में भर्ती कराया गया पर कुछ ही समय के बाद ड्यूटी डॉक्टर ने यह कह कर रेफर कर दिया की रानी की स्तिथि थी ठीक नहीं है इसे जिला चिकित्सालय दतिया ले जाओ | दयाल ने अपनी पत्नी को लेकर 108 वाहन से जिला चिकित्सालय दतिया की लिए निकल पड़ा परन्तु मात्र कुछ ही सफर करने के बाद रानी का सामान्य प्रसव  108 वाहन में हो गया | अंततः 108 वाहन रानी को लेकर वापस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इंदरगढ़ लाया जहा पर भर्ती कर माँ और बच्चे का इलाज किया गया |

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आदर्श गाँव बनने में करवाही गाँव का सफ़र

दिनांक 16 जुलाई 2015 

सीधी जिले के सीधी विकास खंड में करवाही ग्राम को आदर्श ग्राम बनाने की पहल स्थानीय सामाजिक संस्था ग्राम सुधार समिति द्वारा की गयी जो पिछले 25 वर्षों से सीधी जिले में Untitledग्राम विकास के विभिन्न मुद्दों पर कार्य कर रही है|

3 वर्ष पहले ग्राम सुधार समिति और सेंटर फॉर हेल्थ एंड सोशल जस्टिस, दिल्ली द्वारा साझेदार परियोजना की शुरुआत की गयी जिसके अंतर्गत 15 गाओं में स्वास्थय सेवाओं एवं सुविधाओं की सामुदायिक निगरानी प्रक्रिया की गयी| 2014 नवम्बर तक प्राथमिक स्वास्थय केंद्र, करवाही में बिजली नहीं होने के कारण लालटेन की रौशनी में प्रसव किये जाते थे| साथ ही अन्य कई सारी असुविधाएं थी जिनके सुधार हेतु ग्राम सुधार समिति के सहयोग से ग्रामीणों ने आवेदन पत्र तय्यार कर पंचायत से प्रस्ताव ठहराव पारित कर मुख्य चिकत्सा एवं स्वास्थय अधिकारी, जिला कलेक्टर और सांसद को दिया| इस संबंध में अधिकारी एवं सांसद महोदया से कई बार मुलाक़ात की गयी| यह प्रक्रिया लगभग 8 माह चली और अंततः दिसंबर 2014 स्वास्थय केंद्र में बिजली एवं अन्य मूलभूत सुविधाएँ सुनिश्चित हुई|

इसी दौरान स्थानीय सांसद द्वारा करवाही गाँव का दौरा किया गया जिसके बाद सांसद द्वारा करवाही को आदर्श ग्राम बनाने का निर्णय लिया गया| इस प्रकार से ग्राम सुधार समिति एवं ग्रामीणों के प्रयासों से वर्तमान में करवाही गाँव की स्तिथि काफ़ी बेहतर हुई है और लगभग सभी घरों में बिजली की पूर्ती हुई है|

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श्योपुर जिला अस्पताल में ड्रिप से हुए रिएक्शन की जांच

दिनांक: 9 जुलाई 2015

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जिला अस्पताल में इलाज के दौरान 60 मरीजों को रिएक्शन केवल एक दवा आयकोलाइट-पी से नहीं हुआ है। जिन मरीजों को आयकोलाइट-पी ड्रिप नहीं लगी थी उन मरीजों को गंभीर रिएक्शन हुआ है, इसलिए अस्पताल प्रबंधन को तीन और दवाओं पर शक है।

गुरुवार को जिला अस्पताल प्रबंधन ने एंटीबॉयोटिक इंजेक्शन अमिकासिन व सिफाटोक्सिन के अलावा नॉर्मल सिमाइन नाम की दवा की पूरी खेप सीज करवा दी है। इसके बाद इन तीनों दवाओं के भी सैंपल जांच के लिए भोपाल भेज दिए गए हैं। इसके बाद भी अस्पताल प्रबंधन ने मामले की जांच के लिए अपने स्तर पर तीन डॉक्टरों की एक टीम भी बनाई है। यह टीम गुरुवार की देर शाम तक अपनी रिपोर्ट दे देगी।

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श्योपुर जिले में ड्रिप चढ़ाने से 60 मरीज़ों को हुआ रिएक्शन और एक बच्चे की मृत्यु

दिनांक 8 जुलाई 2015

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श्योपुर के जिला अस्पताल में आयकोलाईट-पी ड्रिप चढ़ाने से करीब 60 मरीज़ों में गंभीर रिएक्शन देखने को मिले जैसे ठण्ड लगना, घबराहट होना व मानसिक असंतुलन की निशानी| गंभीर अवस्था में करीब 25-30 मरीज़ों को इलाज के लिए कोटा व सवाई माधोपुर ले जाया गया|

जिला अस्पताल द्वारा ड्रिप व अन्य दवाई के सैंपल जांच के लिए भिजवा दिए गए हैं|

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 बैतूल जिले में स्वास्थय कर्मियों की लापरवाही के कारण महिला की हुई मौत

दिनांक: 25 मई 2015bpl-R2817648-large

रंभा खेड़ी की निवासी ललिता पंवार का प्रसव जिला अस्पताल में ऑपरेशन द्वारा हुआ जिसमें बच्चे की मौत हो गयी| ललिता के पेट में सूजन आने के कारण उसे पाढर अस्पताल रेफर कर दिया गया जहाँ उसका लापरवाही से इलाज किया गया| ललिता को पुनः जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया जहाँ इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गयी|

मृत्यु की फैक्ट फाइंडिंग अभी बाकी है|

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श्योपुर जिले में सामुदायिक स्वास्थय केंद्र कराहल में नर्स की लापरवाही से हुई प्रसूता की मौत|

दिनांक: 4 मार्च 2015

केस रिपोर्ट:

लक्ष्मीनारायण कुशवाह की पत्नी मनीषा की उम्र 30 वर्ष की थी और उसके 2 बच्चे shypmpurथे| लड़का 5 वर्ष और लड़की 3 वर्ष की थी| मनीषा के दोनों प्रसव कराहल सामुदायिक स्वास्थय  में सामान्य रूप से हुए थे| तीसरी बार गर्भवती होने पर नर्स द्वारा बताया गया की मनीषा की प्रसव पूर्व जांच भी हुई थी जिसमें सब सामान्य था परन्तु उसका जच्चा बच्चा कार्ड नहीं बना था| नवे महीने में ( 2 मार्च) लगभग रात 8 बजे मनीषा के पेट में दर्द उठा और क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता उससे लेकर सामुदायिक स्वास्थय केंद्र कराहल लेकर गयी| ड्यूटी पर उपस्थित स्टाफ नर्स ने मनीषा को भर्ती कर लिया और कुछ समय बाद दर्द कम करने के लिए इंजेक्शन लगा दिया| तब तक मनीषा का पति और सास भी अस्पताल पहुँच गए थे और स्टाफ नर्स ने उन्हें मनीषा को आराम करने देने को कहा| रात 11 बजे मनीषा ने सर दर्द और चक्कर आने की शिकायत की तो उसके पति ने वहां मौजूद स्वीपर द्वारा नर्स को उठा कर लाने को कहा| स्वीपर ने उनकी बात को अनसुना कर यह सलाह दी की प्रसव सुबह तक होगा और मनीषा को आराम करना चाहिए| सुबह 5 बजे जब नर्स आई तो उसने जांच कर मनीषा को घर ले जाने को कहा| परन्तु उसके पति एवं अन्य कुछ जान पहचान के लोगों ने मिलकर हल्ला किया तब जाकर FIR दर्ज की गयी एवं पोस्ट-मोर्टेम के लिए ले जाया गया| घरवालों का कहना है की मनीषा की मृत्यु इंजेक्शन लगाने की वजह से हुई| पोस्ट-मोर्टेम रिपोर्ट आने पर मृत्यु का वास्तविक कारण पता चल पाएगा|

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