अव्यवस्थाओं के बीच तीन दर्जन महिलाओं की नसबंदी – सिंगरौली

दिनांक – 5 जनवरी 2017

स्रोत – सिंगरौली पत्रिका

जिला चिकित्सालय सिंगरौली में फिर अव्यवस्थाओं के बीच हुई नसबंदी शिविर का आयोजन जिसमे न तो महिलाओं के रुकने के लिए उचित जगह और और न उचित संसाधन | नसबंदी के बाद महिलाओं को घर छोड़ने के लिए वाहन की व्यवस्था नहीं होने के कारन महिलाओं को ऑटो से घर जाना पड़ता है और कभी कभी पैसे की अभाव में महिलाये एक ऑटो में आवश्यकता से अधिक महिलाये बैठ जाती है यही कारण है कि अस्पताल परिसर में ऑटो वालो की भीड़ लगी रहती है |

पूरी खबर के लिए – http://epaper.patrika.com/1059901/Singrauli-Patrika/sidhi-singruli#page/3/1

पैसे न देने पर धक्का देकर भगाया, सड़क में प्रसव -गुना

दिनांक – 01 जनवरी 2017

स्रोत – भास्कर , भोपाल

सुनीता पति किशन लाल को प्रसव पीड़ा होने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जामनेर में भर्ती कराया गया जहा पर डियूटी ए एन एम् व दाई ने प्रसव करने के लिए 5000 रुपये की मांग की परिवार रुपये देने में असमर्थ होने की स्थिति में ए एन एम् व दाई ने सुनीता को धक्के मार कर केंद्र से बहार कर दिया | कड़ाके की  सर्दी वाली रात में ग्रामीणों की मदद से सुनीता का प्रसव बिच सड़क में करवाया गया |

लिंक – http://epaper.bhaskar.com/detail/1143243/1132727899/mpcg/map/tabs-1/01-01-2017/120/8/image/

तृतीय चरण समुदाय आधारित निगरानी रिपोर्ट

मातृत्व स्वास्थ्य हकदारी अभियान के तहत प्रदेश के 14 जिलों में तृतीय चरण समुदाय आधारित निगरानी कार्यक्रम की प्रक्रिया को संचालित किया गया था | इस प्रक्रिया के तहत सुविधा स्तर पर  मातृत्व स्वास्थ्य सेवाओं और सुविधाओं पर जानकारी निकली गयी और हितग्राही महिलओं के साथ साक्षात्कार किया गया जिसकी विश्लेंशानात्मक रिपोर्ट नीचे है

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मातृत्व एवं प्रजजन स्वास्थ्य रिपोर्ट कार्ड – मध्यप्रदेश

मध्य प्रदेश सरकार ने मातृ मृत्यु दर को कम करने की महत्वपूर्ण प्रयास किया है फिर भी अपेक्षाकृत बदलाव नहीं हो पाया है |  मातृ मृत्यु दर कम करने के लिए सरकार ने प्रसव पूर्व व पश्चात् जाँच पर जोर दिया है साथ ही  मातृत्व योजनओं को क्रियान्वयन एवं आरोग्य केंद्र जैसे राज्यव्यापी कार्यक्रमों का क्रियान्वयन किया है फिर भी स्तिथि गंभीर बनी हुई है और मातृत्व स्वास्थ्य सूचकांको में कमी नहीं दिख रही है |

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डॉक्टर की लापरवाही प्रसूता की मौत – भोपाल

दिनांक – 12 -12 -2016

स्रोत – दैनिक भास्कर, भोपाल

डॉक्टर की लापवाही फिर सामने आई,  भोपाल के बड़े अस्पतालों में एक काटजू अस्पताल जहा पर उच्च स्तर की सेवाए मिलाती है फिर भी प्रसव के 20 मिनट बाद महिला की मौत हो गयी वही दूसरी और चलती ट्रेन में सामान्य बोगी पर एक महिला की प्रसव पीड़ा होने पर यात्रियों की मदद से महिला का प्रसव करवाया गया, माँ और बच्चा दोनों सुरक्षित  |

http://epaper.bhaskar.com/bhopal/120/12122016/mpcg/1/

जिला स्तरीय संवाद मंथन कार्यक्रम – दतिया

दतिया। मातृत्व स्वास्थ्य हकदारी अभियान मध्यप्रदेश जिला इकाई दतिया 20161205_130952के तत्वावधान में  जिला स्तरीय मंथन कार्यक्रम 5 दिसम्बर 2016 को आयोजित किया गया। आयोजित कर्यक्रम में डी एच ओ  डॉ डी. के. गुप्ता, जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी श्री बी.एल. विश्नोई, डी.पी. एम्. विनय पाण्डेय, डी. सी. एम.  सुश्री नाजरा इब्राहिम, श्री दिनेश उमरैया जिला समन्वयक म.प्र. जन अभियान परिषद, बी.पी.एम. एस. के. पाठक, पत्रिका के अविनाश खरे, ई टी व्ही के जितेंद्र गोस्वामी, दैनिक भास्कर के मनीष सेंन, रोशन शुक्ला, पंचायती राज महासंघ के जितेंद्र ठाकुर, सरदार सिंह गुर्जर, जिला इकाई सदस्य डॉ ए. के. खरे, डॉ बबीता विजपुरिया,  श्रीमती उमा नोगरैया, एस. आर.चतुर्वेदी, अशोक शाक्य, रामकुमार दुबे सहित अन्य विभागीय अधिकारी, मीडिया, सामाजिक कार्यकर्ता आदि ने मंथन में विचार व्यक्त करते हुए मातृत्व स्वास्थ्य के मुद्दे पर एकजुटता के साथ कार्य करने की सहमति जताई।

जिला संवाद मंथन – श्योपुर / छिन्दवाड़ा

श्योपुर – मातृत्व स्वास्थ्य हकदारी अभियान के तहत दिनांक 4 नवम्बर 2016 श्योपुर जिला में जिला संवाद मंथन आयोजित की गयी थी जिसमे स्वास्थ्य विभाग से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, मीडिया के साथी, वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्थानीय संस्था के साथियों ने भाग लिया इसमे मुख्यत: CBM आंकड़े के आधार पर चर्चा की गयी साथ ही जिला स्तरीय स्वास्थ्य समस्याओं पर मिल कर समाधान करने की प्रयास पर जोर देने की बात हुई  |

छिन्दवाड़ा – मातृत्व स्वास्थ्य हकदारी अभियान के तहत दिनांक 7 नवम्बर 2016 को p1090424छिन्दवाड़ा जिले में जिला संवाद मंथन आयोजित की गयी थी जिसमे स्वास्थ्य विभाग से जिला कम्युनिटी मोबिलाईजर, मीडिया के साथी, वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि, अधिवक्ता, समुदाय एवं स्थानीय संस्था के साथियों ने भाग लिया इसमे मुख्यत: CBM आंकड़े के आधार पर चर्चा की गयी साथ ही जिला स्तरीय स्वास्थ्य समस्याओं पर मिल कर समाधान करने की प्रयास पर जोर देने की बात हुई और एक समूह बना कर इस विषय पर निरंतर काम करने की बात कही |